देश की खबरें | डीएसटी ने विज्ञान एवं इंजीनियरिंग में महिला वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं के लिए योजना शुरू की
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नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने बृहस्पतिवार को सर्ब-पावर योजना की शुरुआत की जिसका उद्देश्य विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महिला शोधकर्ताओं को शोध एवं विकास गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में नियमित महिला शोधकर्ताओं को दो श्रेणियों में शोध सहयोग के जरिये उच्च स्तर के अनुसंधान एवं विकास कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ये दो श्रेणियां हैं -- पावर फेलोशिप और सर्ब पावर शोध अनुदान।
सर्ब पावर फेलोशिप शीर्ष महिला शोधकर्ताओं को व्यक्तिगत फेलोशिप और शोध अनुदान की तीन वर्षों के लिए पेशकश करता है जबकि सर्ब पावर शोध अनुदान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सभी संकायों में उच्च प्रभाव वाले शोध के वित्त पोषण को सुनिश्चित करता है।
विज्ञान एवं इंजीनियरिंग शोध बोर्ड (सर्ब) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत निकाय है।
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डिजिटल समारोह में हर्षवर्धन ने एस एंड टी क्षेत्र में महिला शोधकर्ताओं को सशक्त बनाने के महत्व पर जोर दिया।
महिला वैज्ञानिकों के समक्ष आ रही कॅरियर में बाधा जैसी समस्याओं को उजागर करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि उन पर विशेष ध्यान दिए जाने और समर्थन के वैकल्पिक तरीकों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि नए विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं अन्वेषण नीति (एसटीआईपी) में महिला वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सर्ब पावर फेलोशिप 35 से 55 वर्ष के उम्र वर्ग की महिला शोधकर्ताओं को दिया जाएगा।
नियमित आय के अलावा फेलोशिप में 15 हजार रुपये प्रति महीने दिया जाएगा जबकि शोध अनुदान राशि तीन वर्षों के लिए दस लाख रुपये प्रति वर्ष होगा।
सर्ब पावर शोध अनुदान के तहत महिला शोधकर्ताओं को दो श्रेणियों में धन दिया जाएगा। पहली श्रेणी में आईआईटी, आईआईएसईआर, आईआईएससी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय प्रयोगशाला की महिला वैज्ञानिक शामिल होंगी। उन्हें तीन वर्षों तक 60 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
दूसरी श्रेणी में राज्य विश्वविद्यालयों, कॉलेजों एवं निजी संस्थानों की महिला वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता शामिल होंगी। उन्हें तीन वर्षों तक 30 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
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