देश की खबरें | डीएसजीएमसी ने एअर इंडिया बम धमाके के आरोपी की हत्या पर दुख जताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने शुक्रवार को रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या पर शोक व्यक्त किया, जिसे 1985 के कनिष्क विमान बम धमाका मामले में बरी कर दिया गया था।
नयी दिल्ली, 15 जुलाई दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने शुक्रवार को रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या पर शोक व्यक्त किया, जिसे 1985 के कनिष्क विमान बम धमाका मामले में बरी कर दिया गया था।
डीएसजीएमसी ने कहा कि उन्होंने हमेशा मानवता की सेवा करने की बात की।
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में मलिक (75) की बृहस्पतिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें 2005 में एक अन्य आरोपी के साथ सामूहिक हत्या और 1985 में दो बम विस्फोटों से संबंधित साजिश के आरोपों से बरी कर दिया गया था। इन धमाकों में 331 लोग मारे गए थे।
डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा, “यह बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण खबर है। मलिक हमेशा मानवता की सेवा की बात करते थे और कई सालों से वह कनाडा में प्रवासियों की मदद कर रहे थे।”
कालका ने कहा कि मलिक ने कनाडा में जरूरतमंदों के लिए एक क्रेडिट बैंक और स्कूल खोलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनकी “हत्या” “बेहद शर्मनाक” घटना है।
डीएसजीएमसी अध्यक्ष ने एक वीडियो संदेश में कहा, “उनका नाम कनिष्क विमान बम धमाके से जुड़ा था लेकिन उन्हें 2005 में बरी कर दिया गया था। उनकी मौत सिख समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है।”
गौरतलब है कि वैंकूवर के हवाई अड्डे पर एक विमान में सूटकेस में बम ले जाया गया था, जिसे फिर टोरंटो में एअर इंडिया विमान-182 में पहुंचाया गया। विमान 23 जून, 1985 को 31,000 फीट की ऊंचाई पर था जब सूटकेस बम में विस्फोट हो गया और विमान अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 24 भारतीयों सहित 329 लोग मारे गए थे। एक अन्य बम को भी एअर इंडिया के जापान से उड़ान भरने वाले विमान में लगाए जाने का षड्यंत्र रचा गया था, लेकिन वह तोक्यो के नरिता हवाई अड्डे पर फट गया था। इसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी।
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