जरुरी जानकारी | डीआरआई ने ब्रांडेड फर्नीचर आयात में शुल्क चोरी मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया

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नयी दिल्ली, 22 जुलाई वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने ब्रांडेड लक्जरी फर्नीचर के आयात का कम मूल्यांकन करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है और 30 करोड़ रुपये की सीमा शुल्क चोरी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

अबतक की जांच से पता चला है कि ब्रांडेड लक्जरी फर्नीचर को एक लाभकारी आयातक द्वारा प्रतिष्ठित इतालवी और अन्य यूरोपीय आपूर्तिकर्ताओं से सीधे प्राप्त किया जा रहा था और दुबई जैसे क्षेत्राधिकारों में स्थित फर्जी कंपनियों के नाम पर बिल बनाए जा रहे थे।

इसके समानांतर, सिंगापुर स्थित एक मध्यस्थ के माध्यम से नकली आयातकों के नाम पर जाली बिल प्राप्त किए गए। इनमें सीमा शुल्क विभाग के समक्ष काफी कम मूल्य पर माल को बिना ब्रांडेड फर्नीचर के रूप में गलत तरीके से घोषित किया गया।

सीमा शुल्क विभाग से मंजूरी मिलने के बाद, माल को इस उद्देश्य के लिए बनाए गए एक स्थानीय मध्यस्थ के माध्यम से कागज पर नियत लाभार्थी को हस्तांतरित कर दिया जाता था। जबकि माल को लाभार्थी मालिक के निर्देश पर सीधे ग्राहक को भेज दिया जाता था।

बयान में कहा गया, ‘‘प्रारंभिक निष्कर्षों से वास्तविक लेनदेन मूल्य के 70 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक के कम मूल्यांकन का संकेत है। इसके परिणामस्वरूप लगभग 30 करोड़ रुपये की सीमा शुल्क चोरी का अनुमान है।’’

लाभार्थी मालिक, फर्जी आयातक और मध्यस्थ को पूरी कार्यप्रणाली को अंजाम देने में आपस में मिले होने और करीबी साजिश में शामिल पाया गया है। तीनों व्यक्तियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत डीआरआई ने गिरफ्तार कर लिया है।

डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, व्यावसायिक परिसरों, गोदामों, माल ढुलाई से जुड़ी इकाइयों के कार्यालयों, सीमा शुल्क ब्रोकर और संबंधित संस्थाओं सहित कई स्थानों पर तलाशी ली।

जांच से आपस में जुड़े जटिल नेटवर्क का खुलासा है, जिसका उपयोग ब्रांडेड लक्जरी फर्नीचर के बड़े पैमाने पर कम मूल्यांकन और गलत घोषणा के लिए किया जाता था। इसमें नकली आयातकों, स्थानीय बिचौलियों, विदेशी मुखौटा इकाइयों और जाली बिलों का उपयोग शामिल है।

इससे पहले मई 2025 में, डीआरआई ने एक और ऐसे ही मामले का खुलासा किया था, जिसमें सीमा शुल्क से बचने के लिए एक मुखौटा कंपनी का इस्तेमाल करके, लक्जरी फर्नीचर के आयात का कम मूल्यांकन करने से जुड़े समान तौर-तरीकों का पता लगाया गया था।

इस मामले में भी 20 करोड़ रुपये से अधिक की शुल्क चोरी शामिल थी। इसमें शामिल तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था।

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