देश की खबरें | द्रौपदी मुर्मू को केरल से मिले एक वोट को लेकर बहस शुरू, भाजपा गदगद

तिरुवनंतपुरम, 22 जुलाई केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई निर्वाचित विधायक या सांसद नहीं है, लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस नीत गुटों के दबदबे वाले राज्य से राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को मिले एक संभावित वोट को लेकर प्रदेश भाजपा गदगद है

मुर्मू ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हरा दिया और राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित जनजातीय समुदाय की पहली महिला बनीं। हालांकि, केरल से मिले एक वोट के कारण राज्य की राजनीति में खलबली मच गई।

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा का कोई विधायक नहीं है, ऐसे में माना जा रहा था कि सभी वोट विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को मिलेंगे। मुर्मू को केरल से एक वोट मिला जबकि 139 वोट सिन्हा को मिला।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश से भाजपा के सांसद नील रतन सिंह पटेल को यहां मतदान करने की अनुमति दी गई थी, क्योंकि वह पलक्कड़ जिले में एक अस्पताल में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार करा रहे हैं।

पूर्व में, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सिन्हा को समर्थन देने की घोषणा की थी।

भाजपा की प्रदेश इकाई ने मुर्मू को मिले वोट पर प्रसन्नता जाहिर की। नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में दोनों उम्मीदवारों को मिले वोट को लेकर एक सारणी साझा की। सुरेंद्रन ने कहा, ‘‘द्रौपदी मुर्मू को जो एक वोट केरल से मिला है, उसका अन्य 139 मतों से अधिक महत्व है।’’ उन्होंने कहा कि यह ‘नकारात्मकता’ के खिलाए एक ‘‘सकारात्मक वोट’’ है।

सुरेंद्रन ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजग उम्मीदवार मुर्मू को मिला वोट ‘‘आकस्मिक’’ नहीं था जैसा कि कई लोगों का मानना है। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने राज्य के सभी 140 विधायकों और राज्य के सांसदों को पत्र भेजकर मुर्मू को वोट देने का अनुरोध किया था।

सुरेंद्रन ने दावा किया कि कई सांसदों, विधायकों से निजी मुलाकात में भी उन्होंने यह अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि राज्य के कई सांसदों, विधायकों ने निजी बातचीत में कहा था कि वे मुर्मू को वोट देना चाहेंगे।

संवाददाताओं ने जब यह सवाल पूछा कि किसने राजग उम्मीदवार को वोट दिया होगा तो सुरेंद्रन ने कहा कि इस बारे में मीडिया को पता लगाना चाहिए। मामले में कांग्रेस नेता वी डी सतीसन ने कहा कि दरअसल किसी को भी नहीं पता कि राष्ट्रपति चुनाव में क्या हुआ। सतीसन ने कोझिकोड में संवाददाताओं से कहा, ‘‘चीजों को सही से जाने बिना किसी का नाम घसीटना ठीक नहीं होगा।’’

क्या माकपा इस बारे में कोई जांच कराएगी कि किसी विधायक ने ‘क्रॉस वोटिंग’ की, यह पूछे जाने पर माकपा के प्रदेश सचिव बालकृष्णन ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है। उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘अगर आपको पता है तो हमें बताएं।’’ क्या पार्टी को किसी विधायक द्वारा ‘क्रॉस वोटिंग’ करने को लेकर आशंका है? इस सवाल पर बालकृष्णन ने कहा कि बिना किसी प्रमाण के किसी पर दोष मढ़ना ठीक नहीं होगा।

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