देश की खबरें | डीपीसीसी सुनिश्चित करे कि पार्कों का इस्तेमाल उनके उद्देश्यों के विपरीत न हो: एनजीटी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और नगर निगम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सार्वजनिक पार्कों (उद्यानों) का इस्तेमाल मोबाइल टावर लगाने या किसी अन्य ऐसे कार्य के लिए न किया जाए जो उनके उद्देश्यों के विपरीत हो।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और नगर निगम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सार्वजनिक पार्कों (उद्यानों) का इस्तेमाल मोबाइल टावर लगाने या किसी अन्य ऐसे कार्य के लिए न किया जाए जो उनके उद्देश्यों के विपरीत हो।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने डीपीसीसी को कठोर कार्रवाई कर पर्यावरण नियमों के अनुपालन के लिए और कदम उठाने को कहा।
पीठ ने कहा, ‘‘प्रश्न केवल विकिरण का नहीं है बल्कि पार्क जैसी खुली जगहों के दुरूपयोग का भी है , क्योंकि पार्क बाशिंदों के लिए एक सुविधा है।’’
उसने कहा, ‘‘ डीपीसीसी के अलावा, दिल्ली नगर निगम के आयुक्त इस विषय में जरूरी उपचारात्मक कदम उठाएं ताकि पार्क का इस्तेमाल उनके उद्देश्य के विपरीत न हो।’’
एनजीटी ने कहा कि यदि उसके आदेश को लागू करने के लिए जरूरी हो तो संबंधित प्रशासन पुलिस की मदद ले सकता है।
अधिकरण ने कहा, ‘‘ दिल्ली नगर निगम के आयुक्त और डीपीसीसी एक महीने में इस विषय पर कार्रवाई रिपोर्ट ई-मेल से दाखिल करें।’’
एनजीटी गौतम नगर रेसीडेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि मैसर्स इंडस टावर लिमिटेड को गुलमोहर पार्क के सामने सद्भावना पार्क में मोबाइल टावर लगाने की अनुमति दी गयी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)