देश की खबरें | दोहरा हत्याकांड: न्यायालय ने पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश होने की अनुमति दी
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नयी दिल्ली, 28 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बिहार के पूर्व लोकसभा सदस्य प्रभुनाथ सिंह को 1995 के एक दोहरे हत्याकांड मामले में सजा के लिए दलीलों पर सुनवाई के दौरान एक सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश होने की अनुमति प्रदान की।
शीर्ष अदालत ने 18 अगस्त को सिंह को हत्या के मामले में बरी करने के निचली अदालत और पटना उच्च न्यायालय के फैसलों को पलट दिया था। सिंह बिहार के महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) दोनों के सांसद रह चुके हैं।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने पूर्व सांसद को दोषी करार देते हुए उन्हें एक सितंबर को प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था। एक सितंबर को सिंह की सजा पर सुनवाई होगी और उन्हें आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक की सजा दी जा सकती है।
सिंह ने एक आवेदन दायर कर सुनवाई में वर्चुअल तरीके से पेश होने की अनुमति मांगी थी।
न्यायमूर्ति कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को आदेश सुनाया, ‘‘आवेदक/प्रतिवादी संख्या 2 (सिंह) को एक सितंबर, 2023 को सजा पर सुनवाई के लिए प्रत्यक्ष रूप से पेश होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंस से उपस्थिति की अनुमति दी जाती है।’’
उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि वह एक ऐसे मामले से निपट रहा है जो ‘‘हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली का बेहद दर्दनाक प्रकरण’’ है।
उच्चतम न्यायालय ने बिहार के महाराजगंज क्षेत्र से कई बार सांसद रह चुके सिंह को दोषी करार देते हुए कहा था कि इसमें जरा भी संदेह नहीं है कि सिंह ने अपने खिलाफ सबूतों को ‘‘मिटाने’’ के लिए किये गये हरसंभव प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह मामला सारण जिले के छपरा में मार्च 1995 में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान के दिन दो लोगों की हत्या से जुड़ा है। तब सिंह बिहार पीपल्स पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे।
पीठ ने बिहार के गृह विभाग के सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सिंह को तुरंत हिरासत में लिया जाए और सजा के संबंध में सुनवाई के लिए सर्वोच्च अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
सिंह जनता दल विधायक अशोक सिंह की उनके पटना स्थित आवास पर 1995 में हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अभी हजारीबाग जेल में बंद हैं।
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