क्या कांग्रेस चाहती है राहुल गांधी को लोगों को गाली देने की पूरी आजादी हो: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर राहुल गांधी लोगों को ‘‘गाली’’ देते हैं तो कानून अपना काम करेगा. पार्टी ने मानहानि के एक मामले में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को दोषी ठहराए जाने पर प्रमुख विपक्षी दल की ओर से की गई आलोचना पर पलटवार करते हुए यह सवाल भी किया कि क्या कांग्रेस अपने नेता के लिए ‘‘पूरी आजादी’’ चाहती है ताकि वह दूसरों को ‘‘गाली’’ देते रहें.
नयी दिल्ली, 23 मार्च : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर राहुल गांधी लोगों को ‘‘गाली’’ देते हैं तो कानून अपना काम करेगा. पार्टी ने मानहानि के एक मामले में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को दोषी ठहराए जाने पर प्रमुख विपक्षी दल की ओर से की गई आलोचना पर पलटवार करते हुए यह सवाल भी किया कि क्या कांग्रेस अपने नेता के लिए ‘‘पूरी आजादी’’ चाहती है ताकि वह दूसरों को ‘‘गाली’’ देते रहें. भाजपा नेता और पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अदालत के आदेश पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि मामले की सुनवाई कर रहे कई न्यायाधीशों को बदल दिया गया था. भाजपा नेता ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां करना दिखाता है कि पार्टी न्यायपालिका में विश्वास नहीं करती है. इसके साथ ही उन्होंने पूछा, ‘‘क्या वह न्यायपालिका को भी अपनी जेब में रखना चाहती है.’’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पहले न्यायाधीशों को बदला गया....हमको पहले से अंदाजा लग रहा था, लेकिन हम कानून और न्यायपालिका में विश्वास रखने वाले हैं और कानून के तहत लड़ेंगे.’’ बाद में उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कायर, तानाशाह भाजपा सरकार राहुल गांधी और विपक्ष से तिलमिलाई हुई है क्योंकि हम उनके काले कारनामों को उजागर कर रहे हैं. जेपीसी की मांग कर रहे हैं. राजनीतिक दिवालियेपन की शिकार मोदी सरकार, ईडी, पुलिस भेजती है. राजनीतिक भाषणों पर केस थोपती है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाएगा, प्रसाद ने कहा कि इस बारे में अध्यक्ष ओम बिरला को फैसला करना है. उल्लेखनीय है कि सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन की रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें. यह भी पढ़ें : Samsung Plant in UP: CM योगी की मेहनत लाई रंग, सैमसंग यूपी में अपना सबसे बड़ा मोबाइल प्लांट करेगी स्थापित, युवाओं को मिलेगा रोजगार
भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. प्रसाद ने कहा कि गांधी ने अपनी टिप्पणियों से मोदी उपनाम वाले लोगों का अपमान किया है और यह बहुत अपमानजनक है. उन्होंने कहा कि फैसला सुनाए जाने से पहले उनके वकीलों ने अदालत के समक्ष दलीलें दीं. प्रसाद ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ इसी तरह का एक मामला पटना की एक अदालत में भी विचाराधीन है, जिसे भाजपा नेता सुशील मोदी ने दायर किया है. प्रसाद ने गांधी पर लोगों की जाति का हवाला देकर उनका अपमान करने का आरोप लगाया. सत्य और अहिंसा में विश्वास करने की गांधी की टिप्पणियों पर कटाक्ष करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या इसका मतलब लोगों को अपमानित करना और देश को जातिसूचक गाली देना है? उन्होंने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी को लोगों को गाली देने की पूरी आजादी हो? देश में कानून का राज है और यह कायम रहेगा.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का मानहानिकारक टिप्पणियां करने और निराधार आरोप लगाने का इतिहास रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत के कानून में यह है कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन को अपमानजनक बयानों, निंदनीय टिप्पणियों, गालियों या किसी भी अपमानजनक टिप्पणी के साथ बदनाम किया जाता है, तो न्याय मांगने का अधिकार है. लेकिन कांग्रेस पार्टी को आपत्ति है. वह राहुल गांधी को गालियां देने की पूरी आजादी चाहती है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2023 03:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

