मुंबई में चिकित्सकों ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर हृदय प्रतिरोपण किया
मुंबई में एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला का हृदय पुरुष में प्रतिरोपित करने के लिए आधुनिक इम्यूनोडायग्नोस्टिक (प्रतिरक्षा निदान) तकनीक का इस्तेमाल किया.
मुंबई, 29 सितंबर : मुंबई में एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला का हृदय पुरुष में प्रतिरोपित करने के लिए आधुनिक इम्यूनोडायग्नोस्टिक (प्रतिरक्षा निदान) तकनीक का इस्तेमाल किया. परेल में स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल ने इस तकनीक का इस्तेमाल कर पहला ऐसा प्रतिरोपण करने का दावा किया है.
अस्पताल ने एक बयान में कहा कि 41 वर्षीय महिला का हृदय हाल में 31 वर्षीय व्यक्ति में प्रतिरोपित किया गया. यह व्यक्ति हृदय की एक गंभीर बीमारी से पीड़ित था और अगर इसका इलाज नहीं किया जाता तो हृदयगति रुकने का खतरा था. यह भी पढ़ें : तमिलनाडु चिकित्सा उपकरण पार्क के लिए केंद्र ने 100 करोड़ रुपये की दी मंजूरी
इसमें कहा गया है कि वह करीब तीन महीने पहले इलाज के लिए अस्पताल आया था. ऑपरेशन के चौथे दिन वह चलने-फिरने की स्थिति में आया और सर्जरी के नौ दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. आम तौर पर हृदय प्रतिरोपण कराने वाले व्यक्ति को 21 से 30 दिनों में अस्पताल से छुट्टी दी जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2021 12:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

