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लॉकडाउन के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ना हो सुनवाई : बार काउंसिल ने सीजेआई से अनुरोध किया

बार काउंसिल ने इसके पक्ष में दलील दी है कि करीब 90 प्रतिशत वकीलों और न्यायाधीशों को तकनीक और उसकी बारीकियों के बारे में पता नहीं है।

लॉकडाउन के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ना हो सुनवाई : बार काउंसिल ने सीजेआई से अनुरोध किया
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नयी दिल्ली, 29 अप्रैल बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने भारत के प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे को पत्र लिखकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली ‘वर्चुअल सुनवाई’ पर आपत्ति जताते हुए अनुरोध किया है कि कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन समाप्त होते ही इस प्रक्रिया को बंद कर दिया जाए।

बार काउंसिल ने इसके पक्ष में दलील दी है कि करीब 90 प्रतिशत वकीलों और न्यायाधीशों को तकनीक और उसकी बारीकियों के बारे में पता नहीं है।

बार काउंसिल ने कहा है कि कानून के पेशे में सबस बड़ा अवरोध है ढांचागत सुविधाओं और तकनीकी शिक्षा की कमी, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में आड़े आएगी और ‘वर्चुअल अदालतें’ न्यायपालिका में पारदर्शिता को कम करेंगी।

कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और कई निचली अदालतें भी करीब एक महीने से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए काम कर रही हैं।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने सीजेआई को लिखे पत्र में कहा है कि यदि इस प्रक्रिया को जारी रखा गया तो इसमें रत्ती भर भी संदेह नहीं है कि देश के 95 प्रतिशत से ज्यादा वकीलों को काम मिलना बंद हो जाएगा और वकालत सिर्फ वकीलों के एक सीमित समूह के पास सिमट कर रह जाएगी, इसका न्याय प्रदान करने पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

मिश्रा ने दावा किया है कि देश के 90 प्रतिशत वकीलों और न्यायाधीशों को इस तकनीक और उसकी बारीकियों के बारे में नहीं पता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 10:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).