चेन्नई, छह नवंबर द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता आर एस भारती ने राज्यपाल आर एन रवि के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्होंने नगाओं का अपमान किया किया है, और जोर देकर कहा कि उन्होंने पूर्वोत्तर के लोगों के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की थी।
भारती ने पत्रकारों से कहा कि राज्यपाल रवि उनके कहने का मतलब नहीं समझ सकें। उन्होंने कहा कि केवल रवि ही उनकी आलोचना के हकदार हैं, नगालैंड के लोग नहीं।
द्रमुक नेता ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राज्यपाल का यह दावा कि नगालैंड के लोगों का अपमान किया गया, पूरी तरह से ध्यान भटकाने वाली राजनीति है। उन्होंने कहा कि गौहाटी उच्च न्यायालय ने भी कहा था कि कुत्ते का मांस खाना नगालैंड के लोगों की संस्कृति का हिस्सा है।
भारती ने द्रमुक के एक कार्यक्रम में नगालैंड और तमिलनाडु के लोगों की खान-पान की आदतों का जिक्र किया था और कहा था कि यह एक 'उदाहरण' है।
रवि, पूर्व में नगालैंड के राज्यपाल रह चुके हैं और अब वह तमिलनाडु के राज्यपाल हैं।
भारती ने कथित तौर पर कहा था कि जब नगालैंड के लोगों, जो कुत्ते का मांस खाते हैं, ने रवि को राज्य से भागने के लिए मजबूर कर दिया था, तब नमक के साथ चावल खाने वाले तमिलों की गरिमा की भावना को नहीं भूलना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा था, ‘‘नगा बहादुर, ईमानदार और गरिमापूर्ण लोग हैं। द्रमुक के वरिष्ठ नेता थिरु आर एस भारती ने यह मानते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया कि ‘कुत्ते का मांस खाने वाले’ निंदनीय और अस्वीकार्य हैं। मैं भारती से आग्रह करता हूं कि वे उस समुदाय को ठेस न पहुंचाएं, जिसपर पूरे भारत को गर्व है।’’
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