देश की खबरें | तमिलनाडु जहरीली शराब त्रासदी के दोषियों को बचा रही है द्रमुक: भाजपा

नयी दिल्ली, 22 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तमिलनाडु में हाल ही में हुई जहरीली शराब त्रासदी को लेकर राज्य के मद्यनिषेध एवं आबकारी मंत्री एस मुथुसामी के तत्काल इस्तीफे की शनिवार को मांग की और राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।

भाजपा ने इस घटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की है।

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई का स्थानीय अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इन मौतों को "राज्य प्रायोजित हत्या" करार दिया और दक्षिणी राज्य में इस त्रासदी के लिए सत्तारूढ़ द्रमुक को "पूरी तरह से जिम्मेदार" ठहराया। पूनावाला ने कहा, "अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है और उनमें से अधिकांश अनुसूचित जाति के थे। इस राज्य प्रायोजित हत्या पर कार्रवाई करने के बजाय द्रमुक इस जघन्य अपराध के खलनायकों को बचाने में लगी हुई है।"

राज्य में पहले भी हुई ऐसी ही घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया और द्रमुक नेताओं के बीच सांठगांठ है और उन्होंने इसकी सीबीआई जांच की मांग की।

पूनावाला ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) को घटना का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए और तमिलनाडु सरकार तथा राज्य पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी करके पूछना चाहिए कि इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, ''भाजपा इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए तमिलनाडु के मद्य निषेध एवं आबकारी मंत्री मुथुसामी के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है।''

उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन इस मामले की जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंप रहे हैं। पूनावाला ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटकों की 'चुप्पी' को लेकर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा, "(कांग्रेस नेता) राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है, जिन्होंने (लोकसभा) चुनाव के दौरान दलितों और दक्षिण भारत के बारे में अनगिनत बार बात की थी। इसका मतलब है कि दक्षिण भारत और अनुसूचित जाति के लोगों के लिए उनकी चिंता दिखावटी है।"

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता अनिल एंटनी ने भी द्रमुक और ‘इंडिया’ गठबंधन पर जहरीली शराब त्रासदी को लेकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई "सुस्त" है तथा इससे राज्य सरकार और शराब माफिया के बीच "स्पष्ट मिलीभगत" का संकेत मिलता है।

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