विदेश की खबरें | विद्यार्थियों के विरूद्ध नस्लवाद की ‘विचलित कर देने वाली’ खबरें यू्क्रेन से आ रही हैं: एनएमएफ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नेल्सन मंडेला फाउंडेशन (एनएमएफ) ने शनिवार को कहा कि रूसी सैन्य अभियान के बाद उत्पन्न यूक्रेन संकट ने भारत समेत उन कई देशों के विद्यार्थियों के विरूद्ध नस्लवाद की ‘विचलित कर देने वाली’ खबरों को जन्म दिया जो इस युद्ध प्रभावित देश से निकलने का प्रयास कर रहे हैं।
जोहानिसबर्ग, छह मार्च नेल्सन मंडेला फाउंडेशन (एनएमएफ) ने शनिवार को कहा कि रूसी सैन्य अभियान के बाद उत्पन्न यूक्रेन संकट ने भारत समेत उन कई देशों के विद्यार्थियों के विरूद्ध नस्लवाद की ‘विचलित कर देने वाली’ खबरों को जन्म दिया जो इस युद्ध प्रभावित देश से निकलने का प्रयास कर रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आयी खबरों के अनुसार जब हजारों यूक्रेनवासी देश छोड़कर भाग रहे हैं तो ऐसे में भारतीय, दक्षिण अफ्रीकियों, नाईजरियाइयों और अन्य देशों के लोगों को पड़ोसी देश पोलैंड पहुंचने के लिए वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया।
कुछ लोगों की शिकायत है कि जब उन्होंने भागती भीड़ का हिस्सा बनने का प्रयास किया तब उन्हें केवल उनकी त्वचा के रंग के चलते पीटा गया।
एनएमएफ ने कहा, ‘‘ यूक्रेन में लड़ाई ने एक अन्य वैश्विक त्रुटि रेखा: नस्लवाद को सामने ला दिया है। ऐसी विचलित कर देने वाली खबरें हैं कि काले एवं अन्य सांवले लोग जब शरणार्थियों को ले जा रही बसों में सवार होने गए तो उन्हें चढ़ने नहीं दिया गया, उन्हें पोलैंड सीमा से वापस कर दिया गया।’’
उसने कहा, ‘‘यह एक आम वैश्विक प्रचलन को सामने लाता है कि श्वेत लोगों की परेशानियों पर आदतन अधिक ध्यान दिया जाता है और समाधान किया जाता है।’’
उसने एक बयान में कहा, ‘‘ नस्लवाद सर्वत्र बना हुआ है जैसा वह पहले था।’’
जोहानिसबर्ग स्थित इस गैर लाभकारी संगठन ने कहा, ‘‘ यूक्रेन पर आक्रमण को लेकर आम चर्चा में जो विषय हैं, उनमें एक विडंबना अमेरिका द्वारा प्रकट की गयी नाखुशी है , एक ऐसा देश जिसने आक्रमण, कब्जा तथा अंतरराष्ट्रीय निकायों की अवमाननाकारी अवहेलना को वरीयता दी।’’
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