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स्मार्ट मीटर से वितरण कंपनियां कुशलतापूर्वक सृजित कर पा रही हें बिजली बिल

बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाले चार सार्वजनिक उपक्रमों (एनटीपीसी, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, पावर ग्रिड और आरईसी) की संयुक्त उद्यम एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) ने एक बयान में कहा कि जो वितरण कंपनियां स्मार्ट मीटर उपयोग कर रही हैं, उनकी मासिक आय प्रति ग्राहक औसतन 15 से 20 प्रतिशत बढ़ी है। स्मार्ट मीटर कार्यक्रम कंपनी के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है।

स्मार्ट मीटर से वितरण कंपनियां कुशलतापूर्वक सृजित कर पा रही हें बिजली बिल
जमात

नयी दिल्ली, 12 मई बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की ईईएसएल ने मंगलवार को कहा कि उसके स्मार्ट मीटर कार्यक्रम (एसएमपी) से वितरण कंपनियों को ‘लॉकडाउन’ (बंद) के दौरान 95 प्रतिशत दक्षता के साथ बिल तैयार करने में मदद मिल रही है।

बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाले चार सार्वजनिक उपक्रमों (एनटीपीसी, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, पावर ग्रिड और आरईसी) की संयुक्त उद्यम एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) ने एक बयान में कहा कि जो वितरण कंपनियां स्मार्ट मीटर उपयोग कर रही हैं, उनकी मासिक आय प्रति ग्राहक औसतन 15 से 20 प्रतिशत बढ़ी है। स्मार्ट मीटर कार्यक्रम कंपनी के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है।

बयान के अनुसार ग्राहकों की सुविधा और बिजली खपत को युक्तिसंगत बनाने के लिये अबतक 12,06,435 स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं।

ईईएसएल ने कहा कि इससे वितरण कंपपनियां ‘लॉकडाउन’ के दौरान 95 प्रतिशत कुशलता के साथ बिल सृजित कर पा रही है। इतना ही नहीं प्रपति ग्राहक उनकी आय में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, नयी दिल्ली का एनडीएमसी इलाका और बिहार में कमश: 9.84 लाख, 1.23 लाख, 57,000 और 28,000 स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं।

बयान के अनुसार वितरण कंपनियां संकट की घड़ी में स्मार्ट मीटर की मदद से अपने कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित कर पा रही हैं।

ईईएसएल ने जो स्मार्ट मीटर लगाये हैं, उसे रिमोट बटन के जरिये प्रीपेड में तब्दील किया जा सकता है।

कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिये जारी सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। ऐसे में वितरण कंपपनियों के लिये यह मुश्किल है कि वे ग्राहकों के घर जाकर बिजली बिल तैयार करें। इससे नकदी प्रवाह पर असर पड़ रहा है।

हालांकि वितरण कंपपनियां प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिये उसका लाभ उठा रही हैं।

देश में बिहार पहला राज्य है जहां करीब 28,000 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाये गये हैं। उपभोक्ता औसतन 20 रुपये रोजाना के हिसाब से अपने प्रीपे स्मार्ट मीटर को रिचार्ज कर रहे हैं।

ईईएसएल के अनुसार इससे वितरण कंपनियों को आय के मोर्चे पर लाभ हुआ है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 04:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).