देश की खबरें | हाथरस की घटना को लेकर भाजपा सांसद का विवादित बयान, कांग्रेस ने जताई आपत्ति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. छत्तीसगढ़ की कांकेर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद मोहन मंडावी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना को कथित रूप से 'बनावटी' कह दिया है। सांसद के बयान के बाद सत्ताधारी दल कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है।
कोंडागांव, 12 अक्टूबर छत्तीसगढ़ की कांकेर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद मोहन मंडावी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना को कथित रूप से 'बनावटी' कह दिया है। सांसद के बयान के बाद सत्ताधारी दल कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है।
राज्य के कोंडागांव जिले में सामूहिक बलात्कार के बाद युवती की आत्महत्या की घटना ने तूल पकड़ लिया है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान कांकेर के सांसद मंडावी ने हाथरस की घटना को कथित तौर पर बनावटी कह दिया।
सोमवार को सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो के अनुसार, धरना-प्रदर्शन में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मंडावी ने कहा कि इस घटना (कोंडागांव) के बारे में हमें मीडिया से जानकारी मिली है। कोंडागांव जिले के साथ पूरे बस्तर में बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है। लेकिन यह सरकार सोई हुई है।
मंडावी ने कथित तौर पर कहा कि वह हाथरस की घटना में जाते हैं जहां बनावटी घटना है। लेकिन यहां के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक और मुख्यमंत्री यहां की घटना के बारे में ध्यान नहीं देते हैं। एक जिम्मेदार मंत्री से पूछा जाता है तब वह कहते हैं कि वहां (उत्तर प्रदेश में) भाजपा की सरकार है इसलिए बड़ी घटना है, यहां छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है इसलिए यह छोटी घटना है।
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संवाददाताओं के सवाल के जवाब में मंडावी एक बार फिर कहते हैं कि हाथरस की घटना के बारे में आप पेपर में पढ़े होंगे। पेपर वालों ने बताया है कि वह बनावटी घटना है। यह (कोंडागांव) हकीकत घटना है। इसके लिए हम लोग धरने पर बैठ रहे हैं। वो बनावटी के लिए नहीं। बनावटी जहां होता उसके लिए कांग्रेस वाले बैठते हैं। हकीकत जो घटना घटती है उसके लिए वह धरना में नहीं बैठते हैं।
सांसद कहते हैं कि बस्तर की घटना छोटी है और हाथरस जो यहां से कोसों दूर है जिसने हमको वोट तक नहीं दिया वहां धरना-प्रदर्शन में जा रहे हैं।
भाजपा सांसद धरना-प्रदर्शन को भी संबोधित करते हुए कहते हैं, ''मामले की सीबीआई जांच हो तो हर चार-पांच गांव में ऐसी घटना मिलेगी। हाथरस की झूठी कथा गढ़ने वाले, वहां किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं हुआ है। उसे बनावटी बनाकर उसे अत्याचार बनाकर बड़े बड़े कांग्रेस के नेता वहां पहुंच रहे हैं जहां कुछ नहीं हुआ है। और हमारे बस्तर के आदिवासियों के साथ घटना घट रही है। उनको यहां आना चाहिए। आदिवासियों के विकास के लिए दंभ भरने वाले आदिवासी के हितैषी कहां गए। यहां के विधायक और यहां के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।''
मंडावी ने संवादाताओं से बातचीत के दौरान कोंडागांव मामले की जांच सीबीआई से कराने, दोषियों के लिए फांसी की सजा तथा पीड़ित परिवार के लिए 20 लाख रूपए मुआवजे की मांग की है।
इधर, भाजपा सांसद के इस बयान के बाद राज्य के सत्ताधारी दल ने इसे भाजपा की सोच बताया है।
कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा, '' सांसद मोहन मंडावी ने हाथरस की घटना को लेकर जो भी कुछ कहा है उसमें उन्होंने भाजपा की सोच को सामने रखा है। मोहन मंडावी के बयान से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के नेता चाहे नरेंद्र मोदी जी हो, अमित शाह जी हो या जेपी नड्डा जी हो वे सब उन्हीं क्षेत्रों के विषयों पर बोलेंगे जहां इनको वोट मिला है।''
ठाकुर ने कहा है कि दुर्भाग्य की बात है भाजपा सांसद ने अपने झूठे कथनों के लिए मीडिया का सहारा लिया और कहा कि मीडिया ने हाथरस की घटना को बनावटी बताया। भाजपा और भाजपा के सांसद पीड़िता और पीड़ित परिवार के प्रति हमदर्दी नहीं जता सकते तो कम से कम उनके जख्मों को कुरेदना बंद करें। दुष्कर्मियों के खिलाफ बोलने में भाजपा और भाजपा के नेता क्यों डरते हैं।
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