देश की खबरें | परीक्षा पे चर्चा: टॉपर्स ने स्कूली छात्रों से पढ़ाई से जुड़े गुर साझा किए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विभिन्न परीक्षाओं में अव्वल रहे छात्रों ने मंगलवार को प्रसारित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वार्षिक कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) की अंतिम कड़ी में स्कूली छात्रों को पाठ्यविवरण (सिलेबस) की अधिक सामग्री से तनाव में नहीं आने, विषयों की प्राथमिकता तय करने और पाठ दोहराने से जुड़े गुर बताए।

नयी दिल्ली, 18 फरवरी विभिन्न परीक्षाओं में अव्वल रहे छात्रों ने मंगलवार को प्रसारित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वार्षिक कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) की अंतिम कड़ी में स्कूली छात्रों को पाठ्यविवरण (सिलेबस) की अधिक सामग्री से तनाव में नहीं आने, विषयों की प्राथमिकता तय करने और पाठ दोहराने से जुड़े गुर बताए।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से लेकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के ‘टॉपर’, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड से लेकर विधि प्रवेश परीक्षा क्लैट में अव्वल रहे विद्यार्थियों और परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) के पिछले संस्करणों के पूर्व छात्रों सहित आठ युवाओं ने पीपीसी के एक विशेष सत्र के दौरान अपने अनुभव साझा किए।

पीपीसी एक वार्षिक कार्यक्रम है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक टाउन हॉल प्रारूप से हटकर इस बार वार्षिक संवाद के लिए छात्रों के साथ दिल्ली की प्रतिष्ठित सुंदर नर्सरी में चर्चा की।

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और भूमि पेडणेकर, अभिनेता विक्रांत मैसी, मुक्केबाजी की चैंपियन मैरी कॉम और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी ‘परीक्षा पे चर्चा’ की विभिन्न कड़ियों में जीवन जीने और सीखने के प्रमुख पहलुओं पर अपने अनुभव एवं ज्ञान साझा किए।

इससे पहले के पीपीसी संस्करण में हिस्सा ले चुकीं मणिपुर विश्वविद्यालय की एमबीबीएस की छात्रा ब्रह्मचारिमायुन निष्ठा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के बारे में पहला तनाव पाठ्यक्रम (सिलेबस) की अधिक सामग्री को लेकर रहता है।

निष्ठा ने कहा, ‘‘इतना बड़ा ‘सिलेबस’ है, हम इसे कैसे कवर करेंगे? हमें कितने घंटे पढ़ाई करनी है? ये सभी विचार हमें बहुत परेशान करते हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि हम कम से कम एक बार में अपने दिमाग में सब कुछ याद नहीं रख सकते। आपको कुछ खास विषय की पहचान करनी चाहिए, साथ ही यह भी सीखना चाहिए कि पहले किस विषय की पढ़ाई करनी है और फिर पाठ को दोहराना है। साथ ही पिछले साल के दौरान पूछे गए सवालों पर भी ध्यान दें।’’

वर्ष 2022-23 की सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) टॉपर राधिका सिंघल ने कहा, ‘‘हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि परीक्षा में क्या सवाल पूछे जाएंगे, बल्कि अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और उस पर भरोसा रखना चाहिए।’’

आईआईटी दिल्ली के छात्र और पीपीसी के पूर्व संस्करण में हिस्सा ले चुके आशीष कुमार वर्मा ने कहा कि हर किसी की तैयारी व्यक्तिगत होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कोई एक नियम नहीं है जो मेरे और बाकी सभी के लिए लागू हो। उदाहरण के लिए, मुझे नोट्स बनाना बहुत मददगार नहीं लगा, इसलिए मैंने अलग-अलग रणनीति अपनाई।’’

पिछले साल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) प्रवेश परीक्षा में शीर्ष पर रहे अरमानप्रीत सिंह ने कहा कि किसी को भी पाठ्यक्रम (सिलेबस) की अधिक सामग्री को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर हमें अध्याय को पढ़ने या याद करने से पहले उसके पृष्ठों की संख्या गिनने की आदत होती है। यह हमारे मनोविज्ञान को प्रभावित करता है। मेरा मानना ​​है कि शुरुआत में यह सोचकर परेशान नहीं होना चाहिए कि यह बहुत विस्तृत है। इसे अलग-अलग भाग में बांट लेना चाहिए। प्रसंगों को प्राथमिकता दें और पाठ्यसामग्री को दोहराएं। हमें अपनी कमजोरियों के बजाय अपनी ताकत पर अधिक ध्यान देना चाहिए और तैयारी करते समय विषयों की हमारी प्राथमिकता में यह झलकना चाहिए।’’

वर्ष 2023-24 की आईएससी (भारतीय स्कूल सर्टिफिकेट) परीक्षा की टॉपर शुचिस्मिता अधिकारी, 2023 में आईआईटी प्रवेश की जेईई-एडवांस्ड परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल करने वाले आईआईटी बंबई के छात्र वविलाला चिदविलास रेड्डी और पिछले साल विधि प्रवेश परीक्षा क्लैट में टॉप करने वाले एनएलयू बेंगलोर के जय कुमार बोहरा ने भी छात्रों के साथ अपने अनुभव और गुर साझा किए। रेड्डी ने कहा कि इसका कोई निश्चित फॉर्मूला नहीं हो सकता है, जो काम करता है वह है आपकी निजी तैयारी।

‘परीक्षा पे चर्चा’ एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें मोदी परीक्षा के तनाव और अन्य मुद्दों से संबंधित छात्रों के सवालों के जवाब भी देते हैं।

स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ मोदी के इस कार्यक्रम का पहला संस्करण 2018 में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था। सातवें संस्करण का आयोजन भारत मंडपम में टाउन हॉल प्रारूप में किया गया, जिसमें देश भर और विदेशों से प्रतिभागियों ने भाग लिया।

मोदी ने 10 फरवरी को प्रसारित ‘परीक्षा पे चर्चा’ की पहली कड़ी के दौरान सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ एक मुक्त-चर्चा में कई मुद्दों को छुआ, जिसमें नेतृत्व के पाठ, ध्यान, परीक्षा बनाम ज्ञान, ‘‘अपने कार्य में बल्लेबाज की तरह ध्यान केंद्रित करना’’, और प्रौद्योगिकी का बुद्धिमानी से और डर के बिना उपयोग करना जैसे मुद्दे शामिल थे।

पोषण एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ शोनाली सभरवाल, रुजुता दिवेकर और रेवंत हिमात्सिंगका, ‘टेकगुरुजी’ के नाम से प्रसिद्ध यूट्यूबर गौरव चौधरी, एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता उन अन्य अतिथियों में शामिल हैं जो अब तक कार्यक्रम का हिस्सा रहे हैं।

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