जयपुर, 30 मई राजस्थान के कोटा के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दो नवजात शिशुओं की मौत के मामले में चिकित्सा विभाग ने 14 चिकित्साकर्मियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि सुकेत सीएचसी में चिकित्साकर्मियों की लापरवाही से दो नवजात शिशुओं की मृत्यु जैसा प्रकरण सामने आया है, ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (कोटा जोन) के संयुक्त निदेशक से तत्काल जांच करवाकर सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही सामने आयी।
उन्होंने कहा कि विभाग ने 14 चिकित्साकर्मियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है तथा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को हटाकर पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया है।
सिंह ने एक बयान में स्पष्ट किया कि प्रकरण में तीन सदस्यीय समिति से मौत के कारणों की जांच करायी गयी थी। समिति ने दोनों नवजात शिशुओं की मौत की वजह तापघात नहीं पायी। उसने पाया कि सीएचसी में चिकित्साकर्मियों द्वारा काफी समय से लापरवाही की जा रही थी। इसके चलते चिकित्सा विभाग की ओर से एक साथ कई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सिंह ने कहा कि आमजन की स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि अपनी मर्जी से अनुपस्थित रही महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता चंद्रावती शर्मा को तत्काल निलंबित कर दिया गया है और बीसीएमओ डॉ. रईस खान को पर्यवेक्षणीय लापरवाही एवं राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना पर ‘एपीओ’ किया गया है। सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. अर्पित गुप्ता को बिना अवकाश स्वीकृत कराए ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस दिया गया है ।
इसी तरह प्रसविका पुष्पलता सक्सेना तथा नर्सिंग ऑफिसर बजरंग लाल मीणा, हेमन्त चौधरी, राहुल शर्मा, आशिक, फराज बेग, विजय कुमार पंचोली, नितेश वर्मा एवं तुषार यादव को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इसी तरह डॉ. नेहा सुवालका एवं डॉ. परमजीत सिंह को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। यह कार्रवाई सीसीए नियम -17 के तहत की जा रही है।
पृथ्वी कुंज
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