देश की खबरें | न्यायाधीश के घर के बाहर अपमानजनक पोस्टर लगाने के मामले में पुलिस को रिपोर्ट दायर करने का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा के आवास के बाहर अपमानजनक पोस्टर लगाने के मामले में आगे की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश बुधवार को कोलकाता पुलिस को दिया, क्योंकि उसने पाया कि पुलिस द्वारा दायर रिपोर्ट अनिर्णायक थी।

कोलकाता, आठ फरवरी कलकत्ता उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा के आवास के बाहर अपमानजनक पोस्टर लगाने के मामले में आगे की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश बुधवार को कोलकाता पुलिस को दिया, क्योंकि उसने पाया कि पुलिस द्वारा दायर रिपोर्ट अनिर्णायक थी।

उच्च न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ न्यायमूर्ति मंथा की अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन को लेकर अदालती सुनवाई की अवमानना को लेकर सुनवाई कर रही थी।

अदालत ने भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल ऑफ इंडिया), पश्चिम बंगाल विधिज्ञ परिषद (पश्चिम बंगाल बार काउंसिल)और कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकीलों के तीन संघों से कहा है कि वे नौ जनवरी के सीसीटीवी फुटेज को देखें और प्रदर्शनकारियों की पहचान करने में मदद करें।

पुलिस ने न्यायमूर्ति मंथा की अदालत के बाहर प्रदर्शन की सीसीटीवी फुटेज को उच्च न्यायालय में जमा करा दिया है।

न्यायमूर्ति टीएस शिवगणनम, न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी और न्यायमूर्ति चित्ता रंजन दास की पीठ ने पुलिस की रिपोर्ट को अनिर्णायक पाया और कोलकाता पुलिस को निर्देश दिया कि वह जांच पर आगे की प्रगति की रिपोर्ट 15 मार्च को दाखिल करे। मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को ही होनी है।

बृहद पीठ ने 17 जनवरी को कोलकाता के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वे इस बारे में एक रिपोर्ट दाखिल करें कि पोस्टर को छापने का आदेश किसने दिया, मुद्रक का क्या नाम है और न्यायमूर्ति मंथा के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास के बाहर किन लोगों ने पोस्टर लगाए थे।

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