जरुरी जानकारी | व्यापार उपचार महानिदेशालय ने ब्लैक टोनर पाउडर पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की
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नयी दिल्ली, 19 जून वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीटीआर ने घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा के लिये चीन, मलेशिया और चीनी ताइपे से पाउडर रूप में आयातित सस्ते ब्लैक टोनर पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। इसका उपयोग प्रिंटर और फोटो कॉपी मशीन में किया जाता है।
व्यापार उपचार महानिदेशलय (डीजीटीआर) ने उक्त देशों की कुछ कंपनियों द्वारा की जा रही डंपिंग की जांच के बाद शुल्क लगाने की सिफारिश की है। डंपिंग को लेकर घरेलू विनिर्माताओं ने शिकायत की थी।
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प्यूर टोनर्स एंड डेवलपर्स और इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स ने डंपिंग जांच को लेकर आवेदन दिये थे।
डीजीटीआर ने 196 डॉलर प्रति टन से लेकर 1,686 डॉलर प्रति टन की दर से शुल्क लगाने की सिफारिश की है।
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अपनी जांच में महानिदेशालय ने कहा कि भारत में उन देशों से आयातित उत्पाद को सामान्य मूल्य से कम भाव पर भेजा जा रहा है। यानी इसका डंपिंग हो रहा है जिससे घरेलू उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
एक अन्य अधिसूचना में डीजीटीआर ने चीन से आयातित मापने के टेप पर फिर से पांच साल के लिये 1.83 डॉलर प्रति किलो से 2.56 डॉलर प्रति किलो का शुल्क लगाने की सिफारिश की है।
उसने कहा कि अगर इस उत्पाद पर डंपिंग रोधी शुल्क हटा लिया जाता है, इसके फिर से डंपिंग की आशंका है।
इसके अलावा डीजीटीआर से चीनी रसायन ‘एनीलाइन’ पर भी डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। इस रसायन का उपयोग औषधि क्षेत्र में होता है।
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