प्रयागराज, 19 जुलाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ग्रेटर नोएडा की दादरी तहसील में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के नाम पर 100 करोड़ रुपये सरकारी धन की हेराफेरी में कथित रूप से शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया है।
अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले में दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति साधना रानी की पीठ ने सच सेवा समिति द्वारा दायर एक याचिका पर सोमवार को यह आदेश पारित किया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों की मिलीभगत से अधिकारियों द्वारा 100 करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया गया। यह मुआवजा ग्राम सभा की जमीन के अधिग्रहण के एवज में निजी व्यक्तियों को दिया गया, जबकि वास्तव में जमीन ग्राम सभा की थी।
यह भूमि अधिग्रहण फर्जी दस्तावेज पेश कर 2008 में किया गया था। राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में एक उच्च स्तरीय जांच की जा रही है, इसलिए कम से कम दो महीने का समय दिया जाना चाहिए।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 19 सितंबर तय की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY