देश की खबरें | दीपांकर ने मणिपुर के जातीय संघर्ष की तुलना 2002 के गुजरात दंगों से की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मंगलवार को मणिपुर के जातीय संघर्ष की तुलना गुजरात के सांप्रदायिक दंगों से की । तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

पटना, 25 जुलाई भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मंगलवार को मणिपुर के जातीय संघर्ष की तुलना गुजरात के सांप्रदायिक दंगों से की । तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

भट्टाचार्य ने यहां मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पूर्वाेत्तर राज्य मणिपुर में "जातीय सफाए की राजनीति" आगामी चुनावों में "एक प्रमुख मुद्दा" बन जाएगी, जैसे 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान 2002 के दंगे चर्चा में रहे थे।

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया, "वर्तमान में भाजपा शासित मणिपुर में जो हो रहा है और 2002 में गुजरात में जो हुआ, उसके बीच हम बहुत सारी समानताएं देखते हैं। ऐसा लगता है कि मणिपुर की सरकार मोदी का अनुसरण कर रही है।"

उन्होंने हाल ही में वायरल हुए चार मई के वीडियो क्लिप का जिक्र करते हुए कहा, "तब और अब की स्थिति के बीच एक अंतर यह है कि इन दिनों, सोशल मीडिया के प्रसार के साथ, हमें कई चीजें पता चलती हैं, जिन्हें सरकारें दबाना चाहती हैं। इसका एक उदाहरण दो महिलाओं पर हुए अत्याचार का है।"

भट्टाचार्य ने कहा, "मणिपुर में बलात्कार पीड़ितों में से एक की शादी कारगिल में लड़ने वाले एक सैनिक से हुई थी। दूसरी बूढ़ी महिला, जिसे जिंदा दफनाया गया था, एक स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी थी। यह भाजपा की देशभक्ति का दावा करने के लिए बहुत कुछ है।"

उन्होंने कहा, "मणिपुर भीड़ हिंसा की राजनीति का एक जीता जागता उदाहरण है जिसे भाजपा ने देश भर में बढ़ावा दिया है। यह गौरक्षकों द्वारा की गई हत्याओं में भी परिलक्षित होता है।"

उन्होंने राज्यसभा से आप सांसद संजय सिंह के निलंबन की भी निंदा की और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की और संसद के अंदर पूरी रात धरना देने वाले सभी लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की।

भट्टाचार्य ने कहा, "हम भी उस लोकप्रिय भावना के साथ हैं जो मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग करती है। हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन करते हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया, "सबसे बढ़कर, हम पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री की गहरी चुप्पी से स्तब्ध हैं। जब उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने का फैसला किया, तो उन्होंने अन्य राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की ओर ध्यान खींचने की कोशिश की, जो अलग थे, हालांकि कम निंदनीय नहीं थे।"

भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री द्वारा विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' और ब्रिटिश उपनिवेशवादियों द्वारा स्थापित ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच समानताएं बताने पर भी हैरानी व्यक्त की।

उन्होंने आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री को पता होना चाहिए कि इंडिया दैट इज भारत संविधान के पहले अनुच्छेद का प्रारंभिक वाक्यांश है। हालांकि भाजपा के मन में हमेशा संविधान के प्रति बहुत कम सम्मान रहा है। "

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के सामने रखा 240 रनों का विशाल लक्ष्य, फिल सॉल्ट और रजत पाटीदार ने खेली तूफानी पारियां; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Live Toss And Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

LSG vs GT, IPL 2026 19th Match Scorecard: गुजरात टाइटंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हराया, जोस बटलर और शुभमन गिल ने खेली शानदार पारियां; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट