देश की खबरें | भूमि रिकार्ड के डिजिटलीकरण से पारदर्शिता आयेगी, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिलेगा : मुर्मू

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमीन से जुड़े विवादों में एक बड़ी आबादी के उलझे रहने और अदालतों में इन मामलों में अधिक समय लगने का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि भूमि रिकार्ड के डिजिटलीकरण तथा सूचना सम्पर्क स्थापित करने की पहल से देश एवं संस्थानों की ऊर्जा अब विकास कार्य में लगेगी।

नयी दिल्ली, 18 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमीन से जुड़े विवादों में एक बड़ी आबादी के उलझे रहने और अदालतों में इन मामलों में अधिक समय लगने का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि भूमि रिकार्ड के डिजिटलीकरण तथा सूचना सम्पर्क स्थापित करने की पहल से देश एवं संस्थानों की ऊर्जा अब विकास कार्य में लगेगी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘भूमि सम्मान 2023’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज भूमि सम्मान प्राप्त करने वाले सभी राज्यों और जिलों के अधिकारियों और उनके दल को मैं बधाई देती हूं। मैं आशा करती हूं कि इस सम्मान समारोह से, अन्य राजस्व अधिकारियों को और अधिक लगन के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी तथा राजस्व प्रशासन के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।’’

राष्ट्रपति ने डिजिटल इंडिया भूमि रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम लागू करने में उपलब्धियों के लिए नौ राज्यों के सचिवों और 68 जिलाधिकारियों को भूमि सम्मान प्रदान किये।

उन्होंने कहा कि आज भी हमारे गांव की अधिकांश आबादी की आजीविका भूमि संसाधनों से जुड़ी हुई है, ऐसे में एक व्यापक एवं एकीकृत भूमि प्रबंधन प्रणाली देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति ने कहा कि डिजिटलीकरण को अपनाने से पारदर्शिता बढ़ती है और संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सुविधा होती है।

उन्होंने कहा कि भूमि रिकार्ड के डिजिटलीकरण से पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

मुर्मू ने कहा, ‘‘ डिजिटल इंडिया भूमि रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम से जुड़े सभी लोग देश के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा इस अभियान को शत-प्रतिशत वित्त पोषण उपलब्ध कराना बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है। इस कार्यक्रम के सभी आयामों में प्रभावशाली प्रगति हुई है।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सर्वविदित तथ्य है कि जमीन से जुड़े विवादों में हमारे देश की बहुत बड़ी आबादी उलझी रहती है तथा प्रशासन एवं न्यायपालिका का बहुत अधिक समय इन मामलों में लग जाता है।

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में डिजिटलीकरण तथा सूचना सम्पर्क स्थापित करने की इस पहल से देश के लोगों और संस्थानों की ऊर्जा, विकास में लगेगी, जो ऊर्जा अब तक विवाद में खप जाती है।

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