नयी दिल्ली, सात जून फिल्मकार करण जौहर ने कहा कि वह दिवंगत अभिनेता इरफान खान के कॅरियर में कोई ‘‘धब्बा’’ नहीं बनना चाहते थे इसलिए उन्होंने उनके साथ कभी कोई फिल्म नहीं की।
पत्रकार एवं लेखिका शुभ्रा गुप्ता को उनकी किताब ‘इरफान: लाइफ इन मूवीज’ के सिलसिले में दिए साक्षात्कार में करण जौहर ने कहा कि इरफान का कद उन सभी प्रस्तावों से बढ़कर था, जो वह उन्हें दे सकते थे।
उन्होंने कहा कि वह कभी किसी ऐसी पटकथा, किसी फिल्म या किसी ऐसे विचार तक नहीं पहुंच पाए जो इरफान खान की शख्सियत के साथ न्याय कर पाए।
किताब में जौहर के हवाले से कहा गया, ‘‘ यही कारण है कि मैंने कभी इरफान के साथ कोई फिल्म नहीं बनाई क्योंकि मैं ऐसा फिल्मकार नहीं बनना चाहता था जो उन्हें मामूली फिल्म दे। मैं उनके बेहतरीन कॅरियर में कोई धब्बा नहीं बनना चाहता था।’’
करण जौहर ने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘माय नेम इज़ खान’ और ‘ए दिल है मुश्किल’ जैसी कई हिट फिल्मों का निर्देशन किया है।
जौहर ने कहा कि हालांकि, अभिनेता के निधन के बाद उन्हें पांच ऐसी कहानियां मिलीं जिसके साथ इरफान खान ही न्याय कर सकते थे और वह इस बात से बेहद निराश थे कि ये कहानियां उनके जाने के बाद उन्हें मिलीं।
इरफान का अप्रैल 2020 में कैंसर के कारण निधन हो गया था।
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