विदेश की खबरें | अमेरिका के साथ वार्ता बुद्धिमानी या समझदारी नहीं : ईरानी सर्वोच्च नेता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. खामेनेई ने यह भी कहा कि "ऐसी सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए", लेकिन उन्होंने अमेरिका से बातचीत न करने का सीधा आदेश जारी करने से परहेज किया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

खामेनेई ने यह भी कहा कि "ऐसी सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए", लेकिन उन्होंने अमेरिका से बातचीत न करने का सीधा आदेश जारी करने से परहेज किया।

तेहरान में वायुसेना अधिकारियों के लिए दिया गया खामेनेई का बयान उनकी पिछली टिप्पणियों के विपरीत है। खामेनेई (85) पश्चिमी देशों के साथ बातचीत के बारे में हमेशा सावधानीपूर्वक बयान देते हैं।

ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते समय कहा था कि वह तेहरान के साथ समझौता चाहते हैं।

उन्होंने ओवल ऑफिस से कहा था, “मैं इसपर (कार्यकारी आदेश) हस्ताक्षर करने जा रहा हूं, लेकिन उम्मीद है कि हम इसपर बहुत जल्द अमल नहीं करेंगे। हम देखेंगे कि हम ईरान के साथ कोई समझौता कर पाते हैं या नहीं।”

ट्रंप ने कहा था, "हम ईरान के प्रति सख्ती नहीं चाहते। हम किसी के प्रति भी सख्ती नहीं चाहते। लेकिन उनके पास परमाणु बम नहीं होना चाहिए।"

ट्रंप ने बुधवार को एक अन्य ऑनलाइन संदेश में कहा था, "ऐसी खबरें बहुत ही अतिशयोक्तिपूर्ण हैं कि अमेरिका, इजराइल के साथ मिलकर ईरान को ध्वस्त करने जा रहा है।”

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा, "मैं एक परमाणु शांति समझौता अधिक पसंद करूंगा, जिससे ईरान का शांतिपूर्वक विकास होगा और वहां समृद्धि आएगी।"

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