जरुरी जानकारी | धनलक्ष्मी बैंक के पहली तिमाही का शुद्ध मुनाफा 69 प्रतिशत घटा
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नयी दिल्ली, तीन अगस्त निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक ने सोमवार को बताया कि जून 2020 में समाप्त पहली तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 69 प्रतिशत घटकर 6.09 करोड़ रुपये रह गया जिसका कारण अवरुद्ध रिणों के लिए अधिक धन का प्रावधान किया जाना था।
पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने 19.84 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था।
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समीक्षाधीन तिमाही में उसका शुद्ध लाभ मार्च तिमाही से ऊंचा था। मार्च 2020 की तिमाही के 2.6 करोड़ रुपये शुद्ध मुनाफे से बढ़ गया है।
बैंक ने एक नियामकीय सूचना में कहा कि अप्रैल-जून 2020 के दौरान कुल आय एक वर्ष पहले की अवधि के 256.75 करोड़ रुपये से बढ़कर 278.62 करोड़ रुपये हो गई।
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बैंक को होने वाली ब्याज आय पिछले साल की जून तिमाही के 240.43 करोड़ रुपये के मुकाबले मौजूदा जून तिमाही में घटकर 236.65 करोड़ रुपये रह गया। इसका कारण निवेश से होने वाली आय में कमी, रिजर्वबैंक और अन्य इंटरबैंक फंड के साथ शेष राशि पर ब्याज से होने वाली आय का काम होना है।
अवरुद्ध ऋणों (एनपीए) और आकस्मिकताओं के लिए किये जाने वाले प्रावधान की राशि वित्तवर्ष 2021 की तिमाही के दौरान बढ़कर 37.02 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले साल 9.27 करोड़ रुपये थी। हालांकि, यह राशि अपने पिछली तिमाही के 56.89 करोड़ रुपये के प्रावधान से कम है।
धनलक्ष्मी बैंक ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 संबंधित चुनौतियों के बावजूद, बैंक की नकदी की स्थिति पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव होने की संभावना नहीं है।
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