देश की खबरें | रेल मंत्री से मिले धामी, टनकपुर-देहरादून के बीच जनशताब्दी शुरू करने का आग्रह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में टनकर से देहरादून के बीच जनशताब्दी रेल सेवा आरंभ करने और कई अन्य विकास परियोजनाओं में सहयोग का आग्रह किया।
नयी दिल्ली, छह अगस्त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में टनकर से देहरादून के बीच जनशताब्दी रेल सेवा आरंभ करने और कई अन्य विकास परियोजनाओं में सहयोग का आग्रह किया।
यहां प्रदेश के सूचना विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रेल मंत्री के साथ मुख्यमंत्री की यह शिष्टाचार भेंट थी जिस दौरान धामी के अनुरोध पर वैष्णव ने उत्तराखण्ड में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के 1206 मोबाइल टावर की स्वीकृति दी। प्रत्येक मोबाइल टावर की लागत एक करोड़ रुपये आएगी।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी रेल सेवा शुरू किये जाने का भी आग्रह किया। टनकपुर मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र चंपावत के अंतर्गत आता है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, धामी ने रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के सम्बन्ध में राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि 296.67 करोड़ को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वर्तमान में कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने के लिए देहरादून-काठगोदाम के मध्य चलने वाली एक मात्र रेल सेवा है। नेपाल सीमा होने के कारण वहां के लिए लोगों का आवागमन टनकपुर से ही होता है। इसलिए कुमाऊं-गढवाल संपर्क को और मजबूत करने के लिए टनकपुर-देहरादून मार्ग पर एक जनशताब्दी रेल को संचालित किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।’’
बयान में कहा गया है कि धामी ने टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन को नैरोगेज के स्थान पर ब्रॉडगेज बनाये जाने, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल लेन बनाने, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण, ऋषिकेश -उत्तरकाशी रेल लाइन तथा किच्छा - खटीमा रेल लाइन के निर्माण हेतु भी अनुरोध किया जिस पर रेल मंत्री ने सहमति व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर से दिल्ली के मध्य चलने वाली पूर्णागिरी जन शताब्दी की यात्रा अवधि को कम करते हुए पांच-छह घंटों में यात्रा पूर्ण कराने हेतु आवश्यक व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया।
हक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)