देश की खबरें | धामी ने उद्योग व कृषि जैसे क्षेत्रों से जल संरक्षण अभियान चलाने को कहा

देहरादून, 16 जुलाई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि उद्योग और कृषि जैसे क्षेत्रों में पानी की बहुत आवश्यकता होती है तथा इन दोनों को मिलकर जल संरक्षण अभियान चलाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और खेती दो ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें पानी की आवश्यकता अत्यधिक होती है। उन्होंने इन दोनों क्षेत्रों को मिल कर जल संरक्षण अभियान चलाने और लोगों को इस बारे में जागरूक करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के पर्व हरेला के मौके पर 'जल संरक्षण एवं जलधाराओं का पुनर्जीवन' विषय पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

धामी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य की गैर-हिमनदियों का ग्रीष्मकालीन प्रवाह बहुत कम रह गया है।

उन्होंने भविष्य में जल की संभावित मांग को देखते हुए पूरे प्रदेश में जलस्रोत पुनर्जीवीकरण की एक मॉडल योजना तैयार कर काम करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में सभी पक्षों से योगदान देने की अपील की।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले नौ साल में संचालित हो रही सभी प्रमुख विकास योजनाओं में किसी न किसी रूप में पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जल संरक्षण का आग्रह भी है। इस संबंध में उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्ति, नमामि गंगे, अमृत सरोवर आदि योजनाओं का जिक्र किया ।

मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को हरेला पर्व की बधाई देते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास करने वाले स्कूलों एवं वन पंचायतों को सम्मानित भी किया।

इससे पहले, उन्होंने मुख्यमंत्री आवास परिसर में आम की पूसा प्रजाति का पौधा लगाया। इस मौके पर उनकी पत्नी गीता धामी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी वृक्षारोपण किया। हरेला पर मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न प्रजातियों के 51 पौधे लगाए गए।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि हरेला के उपलक्ष्य में इस वर्ष 15 अगस्त तक प्रदेश में आठ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

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