जरुरी जानकारी | असैन्य उपयोग वाले ड्रोन के निर्यात की डीजीएफटी ने दी अनुमति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने उच्च प्रौद्योगिकी वाले उत्पादों का निर्यात सुविधाजनक बनाने के इरादे से असैन्य इस्तेमाल वाले कुछ खास तरह के ड्रोन के निर्यात संबंधी मानदंडों में शुक्रवार को ढील देने की घोषणा की।
नयी दिल्ली, 23 जून सरकार ने उच्च प्रौद्योगिकी वाले उत्पादों का निर्यात सुविधाजनक बनाने के इरादे से असैन्य इस्तेमाल वाले कुछ खास तरह के ड्रोन के निर्यात संबंधी मानदंडों में शुक्रवार को ढील देने की घोषणा की।
वाणिज्य मंत्रालय की शाखा विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कहा कि कुछ विशिष्टताओं वाले ड्रोन एवं मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) के निर्यात को 'ड्रोन निर्यात के सामान्य प्राधिकार' (जीएईडी) के तहत अनुमति दी जाएगी। जीएईडी तीन साल के लिए वैध लाइसेंस है।
डीजीएफटी ने कहा, "स्कोमेट सूची में निर्दिष्ट श्रेणियों के अंतर्गत नहीं आने वाले और 25 किलोमीटर या उससे कम दूरी तक जाने में सक्षम होने के साथ 25 किलोग्राम से कम पेलोड वाले और असैन्य इस्तेमाल वाले ड्रोन या यूएवी का निर्यात अब जीएईडी के अधीन होगा।"
स्कोमेट सूची में विशेष रसायन, जीव, सामग्री, उपकरण एवं प्रौद्योगिकी वाले उत्पाद शामिल हैं जिनके निर्यात की अनुमति सिर्फ निर्यात लाइसेंस जारी होने पर ही दी जाती है।
डीजीएफटी के ताजा फैसले से पहले सभी श्रेणियों के ड्रोन एवं यूएवी स्कोमेट सूची में ही रखे गए थे। लेकिन अब असैन्य इस्तेमाल वाले ड्रोन के निर्यात की अनुमति दे दी गई है।
डीजीएफटी ने कहा कि इस कदम से ड्रोन एवं यूएवी निर्माताओं को निर्यात करने में सहूलियत होगा और इससे भारत का निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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