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जरुरी जानकारी | डीजीसीए ने प्रतिकूल मौसम में उड़ान संचालन के लिए दिशा-निर्देश संशोधित किए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने प्रतिकूल मौसम के दौरान एयरलाइन के लिए अपने परिचालन दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। इनमें इस बात पर बल दिया गया है कि सुरक्षा को ‘समय-सारिणी के पालन’ से अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा पायलटों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में उड़ानों का मार्ग बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

जरुरी जानकारी | डीजीसीए ने प्रतिकूल मौसम में उड़ान संचालन के लिए दिशा-निर्देश संशोधित किए

नयी दिल्ली, 22 जून नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने प्रतिकूल मौसम के दौरान एयरलाइन के लिए अपने परिचालन दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। इनमें इस बात पर बल दिया गया है कि सुरक्षा को ‘समय-सारिणी के पालन’ से अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा पायलटों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में उड़ानों का मार्ग बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

अनुसूचित और गैर-अनुसूचित एयरलाइन कंपनियों को अद्यतन परिचालन परिपत्र जारी करते हुए नियामक ने कहा कि पायलटों को दृश्य संकेतों की उपकरणों से जांच करनी चाहिए, ताकि सटीक दृष्टिकोण और लैंडिंग आकलन सुनिश्चित हो सके, तथा बारिश में या गीली हवाई पट्टी पर रात्रि परिचालन के दौरान होने वाले दृश्य भ्रम से निपटा जा सके।

यह परिपत्र केदारनाथ क्षेत्र में हाल ही में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं और पिछले महीने श्रीनगर जा रही इंडिगो की उड़ान में आए भीषण कंपन (टर्ब्यूलेंस) को देखते हुए जारी किया गया है।

परिचालन संबंधी अनिश्चितता पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का हवाला देते हुए, डीजीसीए ने उड़ान चालक दल को अत्यधिक सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी है, ‘जिसमें समय-सारिणी के पालन पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।’

डीजीसीए ने रविवार को एक बयान में कहा, “कैप्टन को मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार मार्ग परिवर्तन या वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।”

परिपत्र में उन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, जिनके तहत चालक दल के सदस्यों से प्रतिकूल मौसम के कारण मार्ग बदलने, वापसी या मार्ग बदलने पर विचार करने की अपेक्षा की जाती है, जिसमें गंभीर कंपन, हवा का झोंका, बर्फ जमना, अवरोधक तूफान या अचानक दृश्यता में गिरावट शामिल है।

इसके अलावा, एयरलाइन कंपनियों और पायलटों को निर्णय लेने के लिए रूढ़िवादी दृष्टिकोण अपनाने के साथ-साथ मौसम से बचने की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

पायलटों को पहले से ही विचलन की योजना बनाने और संवहनीय गतिविधि से कम से कम 20 एनएम (नॉटिकल माइल्स) की दूरी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

बयान में कहा गया है, “आंधी-तूफान वाले बादलों के नीचे उड़ान भरने से मना किया जाता है, क्योंकि हवा के झोंके, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का जोखिम बढ़ जाता है।”

नियामक ने पायलट मौसम रिपोर्ट के महत्व के साथ-साथ प्रतिकूल मौसम की स्थिति और कंपन के दौरान यात्रियों, चालक दल के सदस्य और हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) के साथ संवाद करने पर जोर दिया।

बयान के अनुसार, “इसमें समय पर ब्रीफिंग, यात्रियों के लिए अग्रिम घोषणाएं, तथा बेहतर समन्वय और परिस्थितिजन्य जागरूकता के लिए एटीसी को कंपन की सूचना देना शामिल है।”

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2025 07:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).