विदेश की खबरें | नवलनी को जहर देने के मामले की विस्तृत जानकारी पत्रिका में प्रकाशित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बर्लिन के चैरिटे अस्पताल ने बुधवार को कहा कि नवलली ने 'द लांसेट' में लेख छापने की अनुमति दी थी।
बर्लिन के चैरिटे अस्पताल ने बुधवार को कहा कि नवलली ने 'द लांसेट' में लेख छापने की अनुमति दी थी।
नवलनी 20 अगस्त को रूस में घरेलू उड़ाने के दौरान बीमार पड़ गए थे। विमान को आपात परिस्थितियों में उतारने और ओम्सक में साइबेरियन अस्पताल में इलाज कराने के दो दिन बाद नवलनी को 22 अगस्त को निजी एयर एंबुलेंस के जरिये बर्लिन लाया गया था।
रासायनिक हथियार निरस्त्रीकरण संगठन द्वारा की गई जांच में पता चला कि नवलनी सोवियत-काल के नर्व एजेंट नोविचोक की चपेट में आ गए थे। इसके बाद यूरोपीय यूनियन ने रूस के छह अधिकारियों और एक अनुसंधान संस्थान पर प्रतिबंध लगा दिये थे। रूस ने जहर देने के आरोपों से इनकार करते हुए ईयू पर प्रतिबंध लगा दिये थे।
पत्रिका में छपे लेख में चेरिटे अस्पताल के डॉक्टरों ने नवलनी के बीमार पड़ने के सटीक कारणों और उनके इलाज के बारे में विस्तार से बताया है।
हालत में सुधार के बाद नवलनी कोमा से बाहर निकल आए थे और डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें बोलने और समझने में दिक्कत हो रही है, जिन्हें खत्म होने में समय लगेगा।
नवलनी फिलहाल जर्मनी में इलाज करा रहे हैं। इस सप्ताह उन्होंने कथित गुप्तचर से फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो पोस्ट किया था , जिसमें वह व्यक्ति कहता है कि नवलनी को अंतर्वस्त्र के जरिये जहर दिया गया था। हालांकि बाद में एफएसबी ने इसे फर्जी फोन कॉल बताया था।
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