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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद खाद्य तेल-तिलहनों में गिरावट का रुख

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल, बिनौला, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में बुधवार के भाव के मुकाबले मामूली गिरावट आई। दूसरी ओर मंडियों में सोयाबीन तिलहन की आवक घटने के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में मजबूती दिखी। सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल- तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद खाद्य तेल-तिलहनों में गिरावट का रुख

नयी दिल्ली, 10 नवंबर मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल, बिनौला, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में बुधवार के भाव के मुकाबले मामूली गिरावट आई। दूसरी ओर मंडियों में सोयाबीन तिलहन की आवक घटने के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में मजबूती दिखी। सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल- तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तेल, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में कल के मुकाबले मामूली गिरावट तो आई लेकिन अभी भी भाव को महंगा ही कहा जायेगा। उन्होंने बताया कि थोक बिक्री में सीपीओ, पामोलीन के भाव में आयातकों को मामूली फायदा हो रहा है यानी आयातक जिस भाव पर आयात कर रहे हैं, उसके मुकाबले उपभोक्ताओं को लगभग एक रुपये किलो ही मामूली महंगा मिल रहा है। लेकिन यह स्थिति सूरजमुखी और सोयाबीन तेलों की नहीं है जो आयात भाव के मुकाबले उपभोक्ताओं को 8-10 रुपये महंगा मिल रहा है। इसी प्रकार आयात भाव के मुकाबले उपभोक्ताओं को सूरजमुखी का तेल 20-25 रुपये किलो महंगा मिल रहा है। इसका कारण सरकार के शुल्क मुक्त आयात का कोटा निर्धारित किये जाने की वजह से बाकी आयात का ठप होना और खाद्य तेल आपूर्ति घटना है। वैसे बुधवार के मुकाबले मामूली गिरावट देखी जा सकती है लेकिन भाव अब भी काफी अधिक हैं। सूत्रों ने कहा कि सरकार को इस समस्या को खत्म करने के लिए आयात शुल्क वापस लगाकर आयात की खुली छूट देनी चाहिये। आने वाले जाड़े की और शादी-विवाह के मौसम की मांग को देखते हुए हल्के तेलों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार को कोई फैसला करना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि सरकार के सूरजमुखी और सोयाबीन के शुल्कमुक्त आयात की छूट का मकसद उपभोक्ताओं को लगभग छह रुपये किलो के हिसाब से राहत प्रदान करना था लेकिन इसके लिए कोटा निर्धारित किये जाने से कम आपूर्ति (शॉर्ट सप्र्लाई) की स्थिति पैदा हुई और तेल कीमतें कम होने के बजाय बढ़ गईं।

सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज और शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी का रुख है।

उन्होंने कहा कि सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेलों की घट- बढ़ और अनिश्चितता से बचने का एक रास्ता ही है कि किसानों को प्रोत्साहन देकर देश में खाद्य तेलों का उत्पादन बढ़ाया जाये। खाद्य तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ने से रोजगार भी बढ़ेगा।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,425-7,475 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,800-6,860 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,515-2,775 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,310-2,440 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,380-2,495 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,800-20,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,650-5,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,460-5,510 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 10, 2022 08:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).