जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद अधिकांश तेल-तिलहनों के भाव स्थिर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद स्थानीय मांग कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तिलहन, सोयाबीन तेल, सीपीओ, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतें गिरावट दर्शाती बंद हुईं। वहीं सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल और सोयाबीन दाना और लूज (तिलहन) के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

नयी दिल्ली, 17 मई विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद स्थानीय मांग कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तिलहन, सोयाबीन तेल, सीपीओ, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतें गिरावट दर्शाती बंद हुईं। वहीं सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल और सोयाबीन दाना और लूज (तिलहन) के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सरसों से जिस पैमाने पर रिफाइंड तैयार किया जा रहा है उससे आगे जाकर सरसों की दिक्कत आ सकती है। फिलहाल गर्मी की मांग कम है लेकिन बरसात के साथ मांग बढ़ना शुरू होने पर दिक्कत पेश आ सकती है। विदेशी तेलों के महंगा होने की स्थिति में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला खाद्य तेलों की कमी को पूरा कर रहे हैं, लेकिन जितने बड़े पैमाने पर (तेल आवश्यकता के लगभग 65 प्रतिशत भाग का) आयात किया जाता रहा है उसकी कमी की भरपाई देशी तेल एक निश्चित सीमा तक ही कर पायेंगे। सरसों के मामले में अगली फसल आने में लगभग नौ-10 महीने हैं। इस बीच की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान देने की जरूरत है।

सूत्रों ने कहा कि केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार की खरीद एजेंसियों को बाजार भाव से सरसों तिलहन की खरीद कर इसका स्टॉक बना लेना चाहिये तो प्रतिकूल समय में मांग की स्थिति को संभालने के लिहाज से यह काफी मददगार साबित हो सकता है। सरसों का कोई विकल्प नहीं है और सरकार को तेल-तिलहन बाजार पर चौकस नजर रखने की जरूरत है क्योंकि इंडोनेशिया में तेल निर्यात पर प्रतिबंध है और सोयाबीन डीगम और सीपीओ एवं पामोलीन के भाव काफी महंगे हैं।

सूत्रों ने कहा कि पिछले वर्ष मई महीने में सरसों कच्ची घानी तेल का थोक में भाव 175-180 रुपये लीटर था जो इस साल मई में 152-156 रुपये लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये। अगर कोई इससे ऊंचे भाव पर इसकी बिक्री करता है, तो यह गलत है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये।

मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,565-7,615 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,835 - 6,970 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,650 - 2,840 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,390-2,470 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,430-2,540 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 17,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 15,620 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 7,000-7,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,700- 6,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

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