देश की खबरें | अनुभव के बावजूद मुझे मेरा हक नहीं मिल रहा: शिवसेना (उबाठा) विधायक भास्कर जाधव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना (उबाठा) विधायक भास्कर जाधव ने शनिवार को अफसोस जताया कि अनुभव के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है और अगर उन्हें सही समय पर अवसर मिलता तो वह अपनी योग्यता साबित कर देते।
रत्नागिरी (महाराष्ट्र), 15 फरवरी शिवसेना (उबाठा) विधायक भास्कर जाधव ने शनिवार को अफसोस जताया कि अनुभव के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है और अगर उन्हें सही समय पर अवसर मिलता तो वह अपनी योग्यता साबित कर देते।
जाधव ने यह भी कहा कि पार्टी उन नेताओं को गद्दार करार देती है जो संगठन छोड़ देते हैं, लेकिन उनके अनुसार चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों के लिए बाधाएं खड़ी करने वालों को गद्दार कहा जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना (उबाठा) को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
उनकी यह टिप्पणी पूर्व शिवसेना (उबाठा) विधायक राजन साल्वी के बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद आई है।
जाधव ने कहा, ‘‘मुझे भी लगता है कि मेरे पास अनुभव है, बारीकियां समझने की क्षमता है और बात करने का हुनर है। लेकिन हर किसी को यह मौका नहीं मिलता। मुझे अभी तक वह हक नहीं मिला है और मुझे इस बात का दुख है। मैं 68 साल का हूं और उम्र मेरे पक्ष में नहीं है।’’
रत्नागिरी जिले के गुहागर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जाधव ने कहा, ‘‘अगर मुझे सही समय पर मौका मिलता, तो मैं चमक जाता। लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं है।’’
शिवसेना (उबाठा) को कोंकण क्षेत्र में केवल गुहागर सीट पर जीत मिली थी। यह क्षेत्र अविभाजित शिवसेना का गढ़ रहा है।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए साल्वी ने 2024 के विधानसभा चुनावों में अपनी हार के लिए शिवसेना (उबाठा) सचिव और रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग के पूर्व सांसद विनायक राउत को जिम्मेदार ठहराया था।
जाधव ने कहा, ‘‘कुछ नेता और पार्टी पदाधिकारी अपने उम्मीदवारों के लिए (चुनाव के दौरान) परेशानी खड़ी करते हैं। मैंने भी इसका सामना किया। लेकिन मेरा यह मानना है कि अगर जीत मेरी वजह से हुई है तो यह सिद्धांत हार के दौरान भी लागू होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम पार्टी छोड़ने वालों को गद्दार कहते हैं, लेकिन उन नेताओं का क्या जो बाधाएं खड़ी करते हैं। आप ऐसे नेताओं को क्या कहेंगे (जो अपनी ही पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ काम करते हैं)? मेरी राय में, ऐसा करने वाले नेता गद्दार हैं। जब तक आप गद्दारों से निपट नहीं लेते, ऐसी शिकायतें बढ़ती रहेंगी।’’
यह पहली बार नहीं है जब जाधव ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया है।
जाधव के बयान पर शिवसेना नेता और राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि जाधव वरिष्ठ विधायक हैं और अविभाजित शिवसेना में शामिल होने से पहले अविभाजित राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं और मंत्री भी रह चुके हैं।
सामंत ने शिवसेना (उबाठा) नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘हम भास्कर जाधव का स्वागत करेंगे और ऐसे वरिष्ठ नेता से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। हो सकता है कि कुछ लोग उनकी प्रतिभा का सही उपयोग करने में चूक गए हों।’’
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, ‘‘हमने कल उनसे बातचीत की थी और आज हम उनसे मिल रहे हैं। जो भी शिकायतें हैं, हम उन पर चर्चा करेंगे।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2025 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

