विदेश की खबरें | समलैंगिकों के विवाह के लिए वेबसाइट बनाने से इनकार करने का डिजाइनर को अधिकार:अमेरिकी न्यायालय
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

न्यायालय के बहुमत वाले इस फैसले को समलैंगिक अधिकारों की दृष्टि से बड़ी हार के रूप में देखा जा रहा है।

यौन-रुझान, नस्ल, लिंग और अन्य विशेषताओं के आधार पर भेदभाव करने पर रोक लगाने वाले ‘कोलोरैडो कानून’ के बावजूद शीर्ष अदालत ने महिला डिजाइनर लॉरी स्मिथ के पक्ष में 6-3 से बहुमत का फैसला सुनाया।

स्मिथ की दलील थी कि कानून उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन करता है।

स्मिथ के विरोधियों ने चेतावनी दी थी कि उनकी जीत से व्यवसायों के आधार पर भेदभाव करने का मौका मिलेगा और बहुत सारे लोग अश्वेत, यहूदी या मुस्लिम ग्राहकों, अंतरजातीय या अंतरधार्मिक जोड़ों या प्रवासियों को सेवा देने से इनकार कर देंगे।

वहीं, स्मिथ और उनके समर्थकों ने कहा था कि उनके खिलाफ फैसला कलाकारों, चित्रकारों और छायाकारों से लेकर लेखकों एवं संगीतकारों तक को वैसा काम करने के लिए मजबूर करेगा, जो उनकी मान्यताओं के खिलाफ है।

यह निर्णय धार्मिक अधिकारों की जीत है और हाल के वर्षों में उन मामलों की शृंखला में से एक है, जिसमें न्यायाधीशों ने धार्मिक वादी का पक्ष लिया है।

यह निर्णय समलैंगिक अधिकारों पर अदालत के भी पीछे हटने को प्रदर्शित करता है।

अदालत ने हालांकि समलैंगिक अधिकारों का विस्तार किया है, फिर भी, इसने यह कहने में सावधानी बरती है कि अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं वाले लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।

अधिकांश अन्य राज्यों की तरह, कोलोराडो में भी एक कानून है जो जनता के लिए खुले व्यवसायों को ग्राहकों के साथ भेदभाव करने से रोकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)