देश की खबरें | प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की देशमुख की याचिका न्यायालय ने खारिज की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी जिसमें भ्रष्टाचार के मामले में आरंभिक जांच (पीई) रिपोर्ट में आंतरिक संवाद और फाइल नोटिंग समेत रिकॉर्ड की मांग की गई थी। याचिका अस्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि ‘‘क्या हम इस याचिका को इसलिए स्वीकार कर लें क्योंकि वह मंत्री रहे हैं।’’

नयी दिल्ली, 18 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी जिसमें भ्रष्टाचार के मामले में आरंभिक जांच (पीई) रिपोर्ट में आंतरिक संवाद और फाइल नोटिंग समेत रिकॉर्ड की मांग की गई थी। याचिका अस्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि ‘‘क्या हम इस याचिका को इसलिए स्वीकार कर लें क्योंकि वह मंत्री रहे हैं।’’

न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने देशमुख की याचिका अस्वीकार करते हुए कहा कि वह इस विषय को सक्षम अदालत में रख सकते हैं और उन्हें ऐसा करने की स्वतंत्रता है।

पीठ ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 32 के तहत याचिका इस आधार पर दाखिल की गयी है कि अदालत ने इस तर्क की बुनियाद पर आदेश पारित किया कि पीई में याचिका के खिलाफ सामग्री हो सकती है। लेकिन कुछ अखबारों की खबरों के अनुसार, याचिकाकर्ता को पूछताछ में क्लीन चिट दे दी गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पीई में सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। हम अनुच्छेद 32 के तहत हमारे अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने के इच्छुक नहीं हैं। मौजूदा परिदृश्य में याचिकाकर्ता हमेशा सक्षम अदालत में गुहार लगाने को स्वतंत्र हैं।’’

देशमुख की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि न्यायालय ने पहले कहा था कि पीई पूरी होने दी जाए क्योंकि पुलिस आयुक्त ने ये आरोप लगाये हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अब पुलिस आयुक्त को भगोड़ा घोषित किया जा रहा है। उन्होंने प्राथमिकी में कहा कि पीई रिपोर्ट के अनुसार संज्ञेय अपराध किया गया है। इंडिया टुडे ने रिपोर्ट प्राप्त की है। कुछ खबरों के मुताबिक याचिकाकर्ता को क्लीन चिट दे दी गयी है।’’

सिब्बल ने कहा, ‘‘बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर पीई में कई अहम पक्षों के बयान दर्ज किये गये हैं। इसमें राजनीतिक मकसद है। परिवार के सभी सदस्यों, कर्मचारियों को रोजाना यह कबूल करने के लिए बुलाया जा रहा है कि आप इस रिपोर्ट को लीक कर रहे हो।’’

हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हम नहीं जानते कि इस सब सामग्री को कितनी प्रामाणिकता दी जा सकती है। क्या हमें इस पर इसलिए विचार करना चाहिए क्योंकि वह मंत्री रहे हैं। जांच जारी रह सकती है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान