देश की खबरें | तानाशाही से आजिज आ चुके जम्मू कश्मीर को लोकप्रिय सरकार की जरूरत : फारुक अब्दुल्ला
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर अगले साल मार्च तक जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की कवायद को पूरा करने के अपने वादे से मुकर जाने का आरोप लगाते हुए नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि लोग काफी “तानाशाही” देख चुके हैं और उन्हें लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की सख्त जरूरत है जो उनके मुद्दों का समाधान कर सके।
जम्मू, आठ दिसंबर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर अगले साल मार्च तक जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की कवायद को पूरा करने के अपने वादे से मुकर जाने का आरोप लगाते हुए नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि लोग काफी “तानाशाही” देख चुके हैं और उन्हें लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की सख्त जरूरत है जो उनके मुद्दों का समाधान कर सके।
प्रेस को सरकार के खिलाफ लिखने की आजादी नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने संसद में एक कानून बनाए जाने की मांग की जिससे यह सुनिश्चित हो कि मीडिया घराने बिना डर के काम कर सकें।
अब्दुल्ला ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा, “हमें (विधानसभा) चुनावों के बाद परिसीमन का वादा किया गया है और आयोग को 6 मार्च तक सकारात्मक रूप से कवायद पूरा करने के लिए कहा गया था ... अब, उन्होंने संसद को बताया है कि इस कवायद को पूरा करने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। हो सकता है, वे चाहते हैं कि यह छह साल तक जारी रहे।”
उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद यद्यपि परिसीमन की कवायद का हिस्सा हैं, “हमें अब तक बैठक के लिये नहीं बुलाया गया है और न ही कोई रिपोर्ट दिखाई गई है और हमें नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं।”
जनता के मुद्दों का लोकप्रिय सरकार द्वारा ही समाधान होने पर जोर देते हुए अब्दुल्ला ने कहा, “लोग ज्यादा समय तक सब्र नहीं रख सकते क्योंकि हमनें काफी तानाशाही, नौकरशाही और उपराज्यपाल का शासन देख लिया…।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर जम्मू कश्मीर की स्थिति के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ लोग मर रहे हैं, दूसरी तरफ भाजपा शांति और पर्यटन के पुनरुद्धार का दावा कर रही है जबकि जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा स्थिति इतनी खराब है कि अगर फारूक अब्दुल्ला सरकार सत्ता में होती, तो भाजपा मीडिया को “हमारे खिलाफ लिखने” के लिए आमंत्रित करती, लेकिन “आज कोई भी उनके खिलाफ लिखने की हिम्मत नहीं कर सकता। वे उनके प्रतिष्ठान बंद कर देंगे और उन पर केस कर देंगे ताकि वे बाहर (जेल से) न आएं।”
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी यद्यपि मीडिया को डरा रही है लेकिन “सच्चाई अन्य माध्यमों से सामने आ रही है।”
उन्होंने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस हमेशा से प्रेस की स्वतंत्रता में विश्वास करती रही है क्योंकि सरकार के सही दिशा में काम करने के लिए आलोचना जरूरी है..."
अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने और अनुच्छेद 370 और 35ए के तहत संवैधानिक प्रावधानों के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष का आह्वान किया।
उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा, “चुनौतियां होंगी लेकिन हमें दृढ़ रहना होगा और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठानी होगी। आपको जम्मू-कश्मीर को फिर से समृद्ध बनाने में भूमिका निभानी होगी।”
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 08, 2021 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

