जरुरी जानकारी | रुपये की गिरावट से आयात हुआ महंगा, तीन से पांच प्रतिशत बढ़ सकते हैं टीवी, फ्रिज, एसी के दाम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. टेलीविजन, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू उपकरणों और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की कीमतें मई के अंत या जून के पहले हफ्ते से तीन से पांच प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं क्योंकि विनिर्माता लागत में हो रही वृद्धि का भार खरीदारों पर डालेंगे। उद्योग के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 12 मई टेलीविजन, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू उपकरणों और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की कीमतें मई के अंत या जून के पहले हफ्ते से तीन से पांच प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं क्योंकि विनिर्माता लागत में हो रही वृद्धि का भार खरीदारों पर डालेंगे। उद्योग के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मूल्यह्रास से भी विनिर्माताओं की परेशानी बढ़ी है क्योंकि आयातीत कलपुर्जे महंगे हो गए हैं और यह उद्योग महत्वपूर्ण कलपुर्जों के लिए आयात पर बहुत अधिक निर्भर करता है।
इसके अलावा चीन में कोविड-19 के मामले बढ़ने के कारण लगाए गए सख्त लॉकडाउन की वजह से शंघाई बंदरगाह पर कई पोत खड़े हैं। ऐसे में कलपुर्जों की कमी की समस्या बढ़ गई है और विनिर्माताओं के भंडार पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे कई उत्पाद जो बहुत हद तक आयात पर निर्भर हैं, बाजार से गायब हैं।
उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं उपकरण विनिर्माता संघ (सिएमा) ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आने से उद्योग के लिए परेशानियां बढ़ गई हैं।
सिएमा के अध्यक्ष एरिक ब्रेगेंजा ने कहा, ‘‘कच्चे माल की कीमतें पहले से बढ़ रही हैं और अब अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है तो रुपया कमजोर, ऐसे में सभी विनिर्माताओं को न्यूनतम लाभ का अनुमान है। जून के बाद से कीमतें तीन से पांच फीसदी बढ़ेंगी।’’
यह मूल्यवृद्धि वॉशिंग मशीन से लेकर एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर तथा अन्य घरेलू उपकरणों पर होगी। कुछ एसी विनिर्माता मई में ही कीमतें बढ़ा चुके हैं, बाकी के इस महीने के अंत या जून में दाम बढ़ाएंगे।
ब्रेगेंजा ने कहा कि डॉलर के मुकाबले अगर रुपया 77.40 के स्तर पर रहता है, तो विनिर्माताओं को मूल्य संतुलन बनाना होगा। हालांकि, अगर अगले दो हफ्ते में यह 75 रुपये के पहले वाले स्तर तक पहुंच जाता है तो ऐसा करने की जरूरत नहीं होगी।
पैनासॉनिक इंडिया और दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मनीष शर्मा ने कहा कि लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, कंपनी प्रयास कर रही है कि उपभोक्ताओं पर इसका कम से कम असर हो।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार मूल्यवृद्धि जनवरी, 2022 में की गई थी। हालांकि, जिंसों की बढ़ती कीमतों के चलते विभिन्न उत्पादों की कीमतें चार से पांच फीसदी तक बढ़ाई जा सकती हैं।
हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष सतीश एन एस ने कहा कि शंघाई में लॉकडाउन के कारण कलपुर्जों की आपूर्ति बाधित हुई है जिसका असर जून से दिखना शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘एसी और फ्लैट पैनल वाले टीवी पर बहुत असर रहेगा, जबकि रेफ्रिजरेटर पर इसका कम प्रभाव पड़ेगा।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2022 06:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

