रेलवे के पृथक-वास केंद्र में जमातियों ने कर्मचारियों के साथ अंतत: स्थापित किया तालमेल

यह बात रेलवे के अधिकारियों ने कही।

जमात

नयी दिल्ली, एक मई दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में रेलवे के कोविड-19 अस्थायी पृथक-वास केंद्र में भेजे जाने के एक महीने बाद निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने अंतत: कर्मचारियों के साथ ‘‘तालमेल’’ स्थापित कर लिया है।

यह बात रेलवे के अधिकारियों ने कही।

शुरुआत में इन लोगों पर आरोप लगा था कि ये कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि लेकिन अब पृथक-वास केंद्र में कर्मचारियों और उनके बीच ‘‘कुछ समझ’’ बन गई है।

केंद्र अब सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है और रेलवे रक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मी वहां पहरेदारी करते हैं।

आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. ए एन झा ने कहा, ‘‘वे जानते हैं कि हम उन्हें कुछ चीजें उपलब्ध नहीं कराएंगे और हमने उनकी कुछ मांगों को पूरा करने की कोशिश की है। हालांकि, उनपर सीसीटीवी कैमरों से करीब से नजर रखी जा रही है और सादा कपड़ों में आरपीएफ के कर्मी आसपास तैनात हैं।’’

तुगलकाबाद स्थित रेलवे के पृथक-वास केंद्र में निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात मुख्यालय से 31 मार्च को 167 जमातियों को लाया गया था।

इसके तुरंत बाद, इन लोगों द्वारा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की खबरें आई थीं और रेलवे को जिला प्रशासन के पास शिकायत दर्ज करानी पड़ी थी।

तबलीगी जमात का मुख्यालय देश में कोरोना वायरस प्रसार के एक ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में उभरकर सामने आया है।

रेलवे के पृथक-वास केंद्र में लाए गए इन लोगों में से 70 को आरपीएफ बैरक पृथक-वास केंद्र में और 97 को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल पृथक-वास केंद्र में रखा गया।

रेलवे के इस केंद्र में अब केवल 42 लोग हैं। अन्य लोगों, जो संक्रमित पाए गए, को अस्पतालों के पृथक-वास केंद्रों में भेज दिया गया।

दिल्ली मंडल के सुरक्षा आयुक्त-द्वितीय हरीश पपोला ने कहा, ‘‘हमने उनके (लाए गए जमातियों) साथ एक अच्छी संचार प्रणाली स्थापित की है। वे हमारे प्रोटोकॉल पर ध्यन देते हैं, हम भी उनकी कुछ मांगों को पूरा करने पर सहमत हो गए हैं।’’

उन्होंने बताया कि केंद्र में मौजूद लोगों में से ज्यादातर असम, ओडिशा और हरियाणा से हैं। सिगरेट और मांस जैसी उनकी कुछ मांगें स्वास्थ्य कारणों से खारिज कर दी गई हैं, जबकि सप्ताह में दो बार पनीर भुर्जी, दही, मक्खन लगी चपाती और प्रति प्लेट अधिक चावल जैसी कुछ मांगें मान ली गई हैं। रमजान के दौरान उन्हें दिन में तीन बार सेब, खजूर जैसे फल और मिनरल वाटर की बोतल उपलब्ध कराई जा रही हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match T20I Live Streaming In India: वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच आज खेला जाएगा पहला टी20, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मैच का लुफ्त

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match Pitch Report And Weather Update: किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला मुकाबले में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match Prediction: अहम मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, घरेलू सरजमीं पर पलटवार करने उतरेगी वेस्टइंडीज महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

New Zealand Women vs South Africa Women, 4th T20I Match Preview: कल न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच खेला जाएगा चौथा टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

\