देश की खबरें | तमिलनाडु को कावेरी नदी का जल छोड़े जाने पर कर्नाटक में प्रदर्शन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के निर्देशों के अनुरूप तमिलनाडु को कावेरी का जल देना शुरू कर दिया है जिसके बाद राज्य के दक्षिणी हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गये हैं।

बेंगलुरु, 31 अगस्त कर्नाटक ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के निर्देशों के अनुरूप तमिलनाडु को कावेरी का जल देना शुरू कर दिया है जिसके बाद राज्य के दक्षिणी हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गये हैं।

सरकार के कदम के खिलाफ मैसुरु, मांड्या और चामराजनगर में अनेक किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर कर्नाटक के हितों को बचाने के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया।

भाजपा ने राज्य सरकार पर द्रमुक नीत तमिलनाडु सरकार के खिलाफ भी कानूनी लड़ाई उचित तरीके से नहीं लड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि द्रमुक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में प्रमुख सहयोगी दल है जिसमें कांग्रेस भी सक्रियता से शामिल है।

सीडब्ल्यूएमए ने 28 अगस्त को कर्नाटक को निर्देश दिया था कि 12 सितंबर तक प्रतिदिन 5,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के बिलिगुंडलू तक पहुंचे। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने बुधवार से 5,000 क्यूसेक (घन फुट प्रति सैकंड़) पानी छोड़ना शुरू कर दिया।

इससे पहले सीडब्ल्यूएमए ने कर्नाटक को 15 दिन तक रोजाना 10,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया था। कर्नाटक ने शुरुआत में कुछ दिन तक पानी छोड़ने के बाद प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ अपील की और कहा कि कावेरी के जलग्रहण क्षेत्रों में अपर्याप्त बारिश हुई है।

प्राधिकरण ने कर्नाटक का पक्ष सुनने के बाद सरकार को रोजाना 5,000 क्यूसेक पानी कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित बिलिगुंडलू तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

कर्नाटक के किसानों ने, खासतौर पर कावेरी और काबिनी नदी के आसपास के जिलों तथा मैसुरू के कृष्णराजा बांध के आसपास के क्षेत्रों के कृषकों ने बृहस्पतिवार से प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

मांड्या के किसानों ने कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए मार्च निकाला।

श्रीरंगपटना में किसानों ने कमीज उतारकर कावेरी नदी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाये। चामराजनगर जिले में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ।

तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पूछा कि जब पड़ोसी राज्य में पानी का कोई संकट नहीं है तो वह कर्नाटक पर दबाव क्यों बना रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे सामने पानी का संकट है और केआरएस बांध खाली हो रहा है। ऐसी स्थिति में तमिलनाडु को पानी देना संभव नहीं है। तमिलनाडु के पास पर्याप्त पानी है। मुझे नहीं पता कि वे हम पर दबाव क्यों बना रहे हैं। हम सरकार के रुख का समर्थन करेंगे।’’

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मांग की है कि राज्य सरकार तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी देने पर तुरंत रोक लगाये और इस मामले में उच्चतम न्यायालय में अपील दायर कर कानूनी लड़ाई लड़े।

भाजपा नेता ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर कर्नाटक में किसानों के हितों और लोगों की पेयजल जरूरतों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार शुरू से ही कावेरी मुद्दे पर लड़खड़ाती रही है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के निर्देशानुसार पहले ही रोजाना 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ते हुए करीब 15 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है, लेकिन इसके खिलाफ कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया। ’’

बोम्मई ने आश्चर्य जताया कि जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का अब कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा करने का क्या मतलब है, जबकि सरकार ने पहले ही सीडब्ल्यूएमए के निर्देश पर प्रतिदिन 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पिछले आदेश के खिलाफ पहले ही उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की जानी चाहिए थी, जो अभी तक नहीं की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मांग करता हूं कि पानी छोड़ना तुरंत बंद किया जाना चाहिए और उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की जानी चाहिए और मजबूती से कानूनी लड़ाई शुरू की जानी चाहिए। कांग्रेस सरकार कर्नाटक राज्य की पेयजल आवश्यकताओं और किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।’’

इस बीच उप मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अपने कानूनी दल के साथ और कावेरी मुद्दे को देख रहे राज्य के अधिकारियों के साथ नयी दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन में बैठक की।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\