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देश की खबरें | मथुरा में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसान की मौत के बाद प्रदर्शन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मथुरा जिले के मांट क्षेत्र में करीब एक माह से भूमि अधिग्रहण के विरोध में धरना देने वाले एक किसान की मौत से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने रतन छतरी क्षेत्र में प्रदर्शन किया।

देश की खबरें | मथुरा में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसान की मौत के बाद प्रदर्शन

मथुरा (उप्र), 20 दिसंबर मथुरा जिले के मांट क्षेत्र में करीब एक माह से भूमि अधिग्रहण के विरोध में धरना देने वाले एक किसान की मौत से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने रतन छतरी क्षेत्र में प्रदर्शन किया।

किसान की मौत के विरोध स्वरूप भाकियू (टिकैत) ने बृहस्पतिवार को धरना दिया। किसान के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया।

मांट तहसील के जहांगीरपुर खादर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा सौभरि वन के समीप जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इससे किसान नाराज हैं और विरोध में धरना दे रहे हैं। धरने में शामिल कालीदह क्षेत्र, वृन्दावन निवासी गोपाल चौधरी (65) प्रतिदिन की तरह धरना देकर बुधवार को ट्रैक्टर से देर रात घर पहुंचे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गोपाल चौधरी की मौत की सूचना मिलने पर किसान रतन छतरी पर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक (सदर) संदीप सिंह, अपर नगर मजिस्ट्रेट अजीत सिंह और वृन्दावन तथा जैंत क्षेत्र की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस के समक्ष भाकियू (टिकैत) मण्डल अध्यक्ष रनवीर सिंह, जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष सलीम खान ने मृत किसान को शहीद का दर्जा देने और उसके परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। अधिकारियों ने किसानों को शांत कराकर पोस्टमार्टम करवाने और सरकार को रिपोर्ट भेजने की बात कही। वहीं, किसान के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना दिया।

पुलिस उपाधीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि किसानों की समस्या के निदान के लिए मांट तहसील प्रशासन द्वारा एक टीम गठित कर दी गई है। यह टीम जांच कर कार्रवाई करेगी।

भाकियू (टिकैत) के महानगर अध्यक्ष सलीम खान ने बताया कि किसान को जमीन अधिग्रहण के विरोध में धरना देते बृहस्पतिवार को 30 दिन हो गए। इसके बाद भी मांट प्रशासन ने किसानों की सुध नहीं ली।

उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि किसानों की अधिग्रहीत जमीन वापस की जाए तथा अधिग्रहण के बाद वन विभाग द्वारा जो फसल नष्ट की गई और उनके खेत में जो ट्यूबवेल व मकान बने थे, उन सब का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सुनवाई नहीं होगी, धरना जारी रहेगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 20, 2024 10:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).