देश की खबरें | खोरी गांव में अरावली वन भूमि पर हुए अवैध निर्माण गिराना जारी रखा जाए: उच्चतम न्यायालय
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नयी दिल्ली, 23 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि फरीदाबाद के खोरी गांव में अरावली वन भूमि पर हुए सभी अवैध निर्माण को गिराना जारी रखा जाना चाहिए। वहीं, नगर निगम ने अदालत को बताया कि वहां पहले ही कुछ फार्महाउस को तोड़ा जा चुका है।
शीर्ष अदालत ने कुछ मैरिज हॉल के मालिकों के आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि फरीदाबाद नगर निगम को कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रखनी चाहिए और अवैध ढांचों को ध्वस्त करना होगा। आवेदनकर्ताओं को नगर निगम से नोटिस मिले हैं।
न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत के पिछले आदेश के अनुसार, हस्तक्षेप करने वालों को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुतिकरण देना है जो उन पर विचार करेगी।
पीठ ने आवेदनकर्ताओं की ओर से पेश वकील से कहा, '' निगम को आपके प्रस्तुतिकरण पर निर्णय लेने दें और उसके द्वारा निर्णय लिए जाने के बाद, हम विचार करेंगे कि क्या कार्रवाई की जा सकती है? आज, सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है और इसे जारी रखना है।''
नगर निगम की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि उन्होंने इस मामले में सोमवार को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर दी है और जहां तक प्रस्तुतिकरण का सवाल है, अदालत का पहले से ही एक निर्देश है और प्राधिकरण इस पर कानून के अनुसार विचार करेगा।
निगम के वकील ने कहा, ''हमने पहले ही कुछ फार्म हाउस में तोड़-फोड़ की कार्रवाई की है।''
जब पीठ ने कहा कि वह दो सप्ताह के बाद मामले की सुनवाई करेगी, तो मैरिज हॉल मालिकों की ओर से पेश वकील ने कहा कि इस बीच, जब तक प्राधिकरण उनके प्रस्तुतिकरण पर विचार करता है, तब तक प्राधिकरण को उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
पीठ ने वकील से कहा कि वे प्रस्तुतिकरण दे सकते हैं और प्राधिकरण इस पर विचार करेगा।
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई छह सितंबर तय की।
शीर्ष अदालत ने तीन अगस्त को कहा था कि खोरी गांव में अरावली वन भूमि पर सभी अवैध निर्माण को हटाना होगा क्योंकि इस बाबत आदेश बेहद स्पष्ट हैं।
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