डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता विदेश मंत्रालय के अधिकारी की बर्खास्तगी की जांच कर रहे
ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह महानिरीक्षक, स्टीव लिनिक को पद से हटा रहे हैं। उन्हें ओबामा प्रशासन ने इस पद पर नियुक्त किया था और अधिकारी का कार्यालय एजेंसी के प्रबंधन में कथित राजनीतिक पूर्वाग्रहों की आलोचना करने वाला रहा है।
सदन की विदेश मामलों संबंधी समिति के प्रमख एवं सीनेट की विदेश संबंध समिति में शीर्ष डेमोक्रेट ने प्रशासन को पत्र लिखकर पार्टी की ओर से इस मामले की जांच किए जाने की जानकारी दी और कहा, “हम महानिरीक्षक की राजनीति से प्रेरित बर्खास्तगी का और इन महत्वपूर्ण पदों को राष्ट्रपति द्वारा समाप्त किए जाने का दृढ़ता से विरोध करते हैं।”
ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह महानिरीक्षक, स्टीव लिनिक को पद से हटा रहे हैं। उन्हें ओबामा प्रशासन ने इस पद पर नियुक्त किया था और अधिकारी का कार्यालय एजेंसी के प्रबंधन में कथित राजनीतिक पूर्वाग्रहों की आलोचना करने वाला रहा है।
उनकी बर्खास्तगी स्वतंत्र कार्यकारी शाखाओं के उन निगरानीकर्ताओं के खिलाफ उठाए गए कदमों का ताजा उदाहरण है जिन्होंने ट्रंप प्रशासन में कुछ खामियां पाई हैं।
न्यूयॉर्क प्रतिनिधि इलियट एंगल और न्यू जर्सी के सांसद बॉब मेनेंडेज ने व्हाइट हाउस, विदेश मंत्रालय और महानिरीक्षक कार्यालय को पत्र लिखकर कहा है कि प्रशासन के अधिकारी लिनिक की बर्खास्तगी से जुड़े सभी रिकॉर्ड संरक्षित रखें और इस शुक्रवार को समितियों के समक्ष उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा है कि वे “गहराई से इस मामले को देखेंगे” और कहा कि वे व्हाइट हाउस के अधिकारियों से साक्षात्कार भी करेंगे।
दोनों नेताओं ने कहा कि उन्हें यकीन है कि व्हाइट हाउस उनकी जांच में पूर्ण सहयोग देगा।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने स्टीव लिनिक को शुक्रवार को नौकरी से निकाल दिया लेकिन उनकी बर्खास्तगी का कोई कारण नहीं दिया। कांग्रेस को लिखे पत्र में ट्रंप ने कहा था कि लिनिक 2013 से अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब उन्हें लिनिक में पूरी तरह भरोसा नहीं है और वह 30 दिन के भीतर इस पद से हटा दिए जाएंगे ।
ट्रंप ने अपने पत्र में लिनिक का नाम नहीं लिया है।
डेमोक्रेट्स इससे खासे खफा हैं । एंगल ने कहा कि पोम्पिओ के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए बदले की कार्रवाई के तहत लिनिक को पद से हटाया गया है। हालांकि एंगल ने इसका विस्तार से ब्यौरा नहीं दिया ।
दोनों नेताओं ने कहा कि इस मामले में ये आरोप हैं कि पोम्पियो ने कर्मचारियों के साथ ठीक से बर्ताव नहीं किया।
सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा कि लिनिक को ‘‘हमारे संविधान और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने का अपना दायित्व ईमानदारी से निभाने की सजा दी गयी।’’
एपी
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(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2020 10:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

