देश की खबरें | प्रधानमंत्री से पूजा स्थल अधिनियम को निरस्त करने की मांग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जगद्गुरु विद्या भास्कर जी महाराज ने सोमवार को यहां आयोजित सनातन धर्म संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूजा स्थल अधिनियम को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि 1991 में तत्कालीन सरकार ने बिना किसी से परामर्श किए यह कानून थोप दिया था ताकि हिंदुओं के मंदिरों को तोड़कर बनाई गई मस्जिदों पर कोई आंच ना आए।
महाकुंभ नगर, 27 जनवरी जगद्गुरु विद्या भास्कर जी महाराज ने सोमवार को यहां आयोजित सनातन धर्म संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूजा स्थल अधिनियम को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि 1991 में तत्कालीन सरकार ने बिना किसी से परामर्श किए यह कानून थोप दिया था ताकि हिंदुओं के मंदिरों को तोड़कर बनाई गई मस्जिदों पर कोई आंच ना आए।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से निवेदन है कि वह बहुमत के बल पर पूजा स्थल अधिनियम को निरस्त कर दें। तत्कालीन सरकार ने यह कानून बनाते समय कोई चर्चा तक नहीं की और देश पर इसे थोप दिया।”
उन्होंने कहा कि जब तक सनातन धर्म बचा है तभी तक संसार के सभी प्राणी बचे हैं, इसलिए सनातनियों की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड आज के समय की मांग है।
सनातन धर्म संसद की अध्यक्षता कर रहे निंबार्क पीठाधीश्वर श्याम शरण देवाचार्य ने कहा कि सनातन बोर्ड केवल सनातन धर्म को सुरक्षित नहीं करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि हमारा आने वाला भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि आज सनातन बोर्ड इसलिए भी जरूरी है कि तिरुपति बालाजी जैसे मंदिर में कोई विधर्मी मिलावट ना कर सके।
उन्होंने कहा कि पहले भारत के दायरे में ईरान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान जैसे देश आते थे। लेकिन इन देशों की तरह भारत भी हिंदुओं के हाथ से ना चला जाए, इसके लिए सनातन बोर्ड जरूरी है।
इस्कॉन से गौरांग दास जी महाराज ने कहा, “जब उद्योगों के लिए सीआईआई, फिक्की जैसे संगठन हैं, मेडिकल के लिए आईएमए है तो सनातनियो को संगठित और सुरक्षित रखने के लिए सनातन बोर्ड जैसा संगठन क्यों नहीं है।”
उन्होंने कहा कि शांति, सुरक्षा और न्याय के लिए यह आवश्यक है कि सभी सनातनी एक ही झंडे- सनातन बोर्ड के नीचे आएं।
प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “हमारी सनातन संस्कृति को नष्ट करने की सबसे बड़ी साजिश मैकाले की थी जिसने हमारी संस्कृति के स्थान पर अंग्रेजी को लागू किया।”
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2025 09:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

