गैर सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षकों के लिये विशेष पैकेज की मांग
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जद(एस) के संरक्षक देवेगौड़ा ने कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में राज्य सरकार की ओर से किये गये कार्यों के लिये सराहना की और असंगठित क्षेत्र के कर्मियों के लिये घोषित विशेष पैकेज के लिये प्रशंसा की।
बेंगलुरू, 11 मई पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये जारी लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे निजी एवं गैर सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों के शिक्षकों के लिये विशेष पैकेज की घोषणा करने का सोमवार को आग्रह किया ।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जद(एस) के संरक्षक देवेगौड़ा ने कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में राज्य सरकार की ओर से किये गये कार्यों के लिये सराहना की और असंगठित क्षेत्र के कर्मियों के लिये घोषित विशेष पैकेज के लिये प्रशंसा की।
पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा, 'इसी प्रकार निजी क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षक भी लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट में हैं।'
गुणवत्ता परक शिक्षा में गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों के योगदान की चर्चा करते हुये देवेगौड़ा ने कहा, 'लॉकडाउन के कारण पिछले दो महीने से इन शैक्षिक संस्थानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा है और शिक्षकों को वेतन देने में कठिनाई हो रही है।'
उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ के तहत भुगतान किये जाने वाले धन का बकाया होना है।
उन्होंने अपने पत्र में इस अधिनियम के तहत 1300 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान जल्दी करने के लिये भी सरकार से आग्रह किया।
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