जरुरी जानकारी | पहली छमाही में आठ प्रमुख शहरो में खुदरा स्थलों की मांग ढाई गुना होकर 15.4 लाख वर्ग फुट पर

नयी दिल्ली, एक सितंबर देश के आठ प्रमुख शहरों में इस साल की पहली छमाही के दौरान खुदरा स्थलों की किराये या पट्टे (लीज) पर मांग 2.5 गुना से अधिक होकर 15.4 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गई।

संपत्ति सलाहकार सीबीआरई ने कहा कि स्थिति में सुधार से जनवरी-जून, 2022 में इन स्थलों की मांग बढ़ी है।

पिछले साल यानी 2021 की पहली छमाही में खुदरा स्थल की मांग 5.8 लाख वर्ग फुट रही थी।

सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमन मैगजीन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि खुदरा विक्रेताओं का भरोसा लौट रहा है। हमें उम्मीद है कि आगे जाकर, घरेलू ब्रांड स्थानांतरण / विस्तार में सक्रिय रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय खुदरा विक्रेताओं की मजबूत स्थिति कायम रहेगी।

उन्होंने कहा कि इस साल खुदरा स्थलों की मांग दोगुना होकर 60 से 65 लाख वर्ग फुट पर पहुंच सकती है।

मैगजीन ने कहा कि जबर्दस्त वृद्धि क्षमता के कारण दूसरी और तीसरी श्रेणी के बाजारों में कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड स्टोर खोलने की योजना है।

आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में दिल्ली-एनसीआर में खुदरा स्थलों की मांग बढ़कर 3.3 लाख वर्ग फुट हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 50,000 वर्ग फुट थी।

इस अवधि के दौरान मुंबई में खुदरा स्थल की मांग 50,000 वर्ग फुट से बढ़कर 1.3 लाख वर्ग फुट हो गई।

वहीं बेंगलुरु में यह दो लाख वर्ग फुट से बढ़कर 2.4 लाख वर्ग फुट और चेन्नई में 20,000 वर्ग फुट से बढ़कर दो लाख वर्ग फुट हो गई। जबकि हैदराबाद में खुदरा यह 1.7 लाख वर्ग फुट से बढ़कर 2.4 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गई।

पुणे में यह 60,000 वर्ग फुट से उछलकर 3.3 लाख वर्ग फुट हो गई। वहीं अहमदाबाद में 30,000 वर्ग फुट खुदरा स्थल किराये पर दिया गया।

जनवरी-जून 2022 के दौरान कोलकाता में खुदरा स्थलों की मांग 30,000 वर्ग फुट से बढ़कर 50,000 वर्ग फुट हो गई।

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