नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने अदालत से संबंधित मामलों के समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने का निर्देश अन्य विभागों को दिया है ताकि निर्णय से पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
वित्त विभाग की तरफ से अन्य विभागों और स्वायत्त निकायों को 29 सितंबर को भेजी गई सलाह में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित एक मामले में इस वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि भुगतान देरी से किया गया।
वित्त विभाग ने अपने परामर्श में कहा, ‘‘विभाग को वित्त विभाग या सक्षम अधिकरण से समय पर जरूरी बजट हासिल करना चाहिए और उस मामले का पूर्ण आकलन एक ही बार में पूरा कर लेना चाहिए।’’
दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने यह सुझाव भी दिया है कि आकस्मिक निधि से अग्रिम भुगतान का प्रावधान रहता है लिहाजा मामले का निपटान उस प्रक्रिया के हिसाब से किया जाए।
इसमें कहा गया है कि प्रशासनिक वजहों से ग्रैच्युटी के भुगतान में देरी पर ब्याज देने के मामले का निपटारा प्रशासनिक विभाग को करना चाहिए।
इस परामर्श में अधिकारियों और सलाहकारों को सरकारी कोष के निगरानी-समूह के रूप में कार्य करने की सलाह भी दी गई है।
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