देश की खबरें | दिल्ली: मतदाता स्वच्छता, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे पर कदम उठाने की कर रहे हैं मांग
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नयी दिल्ली, पांच फरवरी दिल्लीवासियों ने बुधवार को अपने मताधिकार का प्रयोग किया और सीधे तौर पर दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले नागरिक सुविधाओं, रोजगार एवं महंगाई जैसे प्रमुख मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।
कालकाजी के रहने वाले बेसिन (67) ने कहा कि वह पूरे निर्वाचन क्षेत्र में सुधार की उम्मीद में मतदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्टाचार और गंदगी के खिलाफ वोट करने आया हूं। मुद्दों को उजागर करने की जरूरत नहीं है, बस सड़कों को देखें। जब आप घर से बाहर निकलते हैं, तो आप सभी स्वच्छता समस्याओं को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में सफाई की जरूरत है। सड़कें तो हैं लेकिन वे टूटी हुई और भीड़भाड़ वाली हैं। इसी तरह, नालियां और सीवर भरे पड़े हैं।”
दिल्ली की 70 विधानसभा सीट पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहा।
मोटरसाइकिल गैराज के मालिक एवं ओखला के रहने वाले दामोदर कुमार (50) ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव खराब है और खुली नालियां भी लोगों को परेशान कर रही हैं।
कुमार ने कहा, “प्रबंधन खराब है। सड़कों पर सार्वजनिक शौचालय है, लेकिन उनका रखरखाव बहुत खराब है। वे खुले हैं इसलिए उनसे हर समय बदबू आती रहती है। और ये खुली नालियां बारिश के दौरान भी यही समस्या पैदा करती हैं। उन्हें ढका भी नहीं गया है और कई तो नई बनी हैं। अगर कोई सावधान नहीं है, तो वह उनमें गिर सकता है।”
पांच वर्ष पहले सांप्रदायिक दंगों से प्रभावित उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जनता का मुख्य विषय विकास है।
एक मतदाता ने कहा कि उनके पास ‘दंगों की बुरी यादें’ हैं लेकिन लोग ‘भविष्य के लिए भारी संख्या में मतदान कर रहे हैं।’
जाफराबाद के रहने वाले मोहम्मद वाहिद (38) ने कहा कि सीलमपुर में सीवर लाइन की अनुपलब्धता निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
रेस्तरां मालिक वाहिद ने कहा, “फरवरी 2020 में जो कुछ भी हुआ, वह इलाके के सौहार्द को बिगाड़ने और आबादी का ध्रुवीकरण करने के लिए किया गया था। हमारी गली में एक हिंदू परिवार रहता है। वे अपने त्योहार मनाते हैं और हम भी उनमें भाग लेते हैं। वे दंगों के बाद जा सकते थे लेकिन वह यहीं रहे, क्योंकि वे यहां सुरक्षित महसूस करते हैं। अब यह मुद्दा नहीं है। इलाके में सीवर एक बड़ी समस्या है। कभी-कभी हमें गंदा पानी मिलता है।”
इसी तरह, रहमान अली (42) ने भी सीलमपुर और जाफराबाद में अपराध को लेकर चिंता जताई।
अली ने कहा, “हमारे इलाके में सीवर नहीं है, जो इलाके की हर गली के लिए एक बड़ी समस्या है। इसके अलावा, अपराध दर भी बढ़ रही है, जिससे लोगों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।’’
बाबरपुर के रहने वाले रईसुद्दीन (54) ने कहा कि स्थिर सरकार बनने पर सभी मुद्दे हल हो जाएंगे।
मुस्तफाबाद के रहने वाले डॉ. फैजान शेख (26) ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूरे उत्तरी पूर्वी क्षेत्र में समस्याएं एक जैसी हैं।
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