देश की खबरें | दिल्ली हिंसा : अदालत ने जेल में बंद जामिया छात्र आसिफ तन्हा से वकील को मिलने की अनुमति दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की अदालत ने फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को जेल में अपने वकील से मिलने की अनुमति बृहस्पतिवार को दे दी।
नयी दिल्ली, 25 जून दिल्ली की अदालत ने फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को जेल में अपने वकील से मिलने की अनुमति बृहस्पतिवार को दे दी।
कोरोना वायरस महामारी के चलते जेल में बंद आरोपी से वकील की व्यक्तिगत मुलाकात स्थगित कर दी गई थी और उन्हें कानूनी सहायता दिल्ली राज्य विधि सेवा प्राधिकारण (डीएलएसए) द्वारा तैनात वकील के जरिये मिल रही है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धमेंद्र राणा ने कहा कि तिहाड़ जेल के अधीक्षक तन्हा के वकील के अनुरोध पर निर्धारित तारीख पर मुलाकात की अनुमति दे सकते हैं और वकील कम से कम हफ्ते में एक बार टेलीफोन पर अपने मुवक्किल से बात कर सकते हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘ आरोपी को अपने पंसद के वकील के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अधिकार है और इस अधिकार के प्रभावी इस्तेमाल के लिए अपने वकील से संवाद करने के लिए अधिकृत है। यह संवाद जेल अधीक्षक की प्रशासनिक सुविधा के अनुरूप हो सकता है।’’
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वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हुई सुनवाई के दौरान तन्हा का पक्ष रख रही वकील सोझन्य शंकरन ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अपने मुवक्किल से कानूनी विचारविमर्श करने की अनुमति देने की मांग की।
तिहाड़ जेल के अधीक्षक ने अदालत को बताया कि सभी आरोपियों को डीएलएसए द्वारा नियुक्त वकील के जरिये कानूनी सहायता मुहैया कराई जा रही है और उन्हें अपने वकील से टेलीफोन पर बात करने की अनुमति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अगर अदालत निर्देश दे तो शंकरन जेल की मुलाकात खिड़की पर सुबह 11 बजे से दो बजे के बीच 30 मिनट के लिए मिल सकती हैं।
शंकरन ने कहा कि वह मुलाकात से पहले जेल प्रशासन से ई-मेल के जरिये अनुमति लेंगी और जेल अधीक्षक द्वारा अपनी प्रशासनिक सुविधा के अनुसार तय समय पर अपने मुवक्किल से मुलाकात करेंगी।
उन्होंने इसके साथ ही हफ्ते में कम से कम एक बार टेलीफोन पर बात करने की अनुमति मांगी।
अदालत ने कहा, ‘‘ अधीक्षक आरोपी के वकील के अनुरोध पर नियमों के अनुसार विचार कर सकते हैं।’’
उल्लेखनीय है कि तन्हा जामिया में स्नातक के तीसरे वर्ष का छात्र है और फारसी की पढ़ाई कर रहा है। फरवरी महीने में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में गिरफ्तार तन्हा इस समय न्यायिक हिरासत में है।
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