देश की खबरें | दिल्ली दंगे : उमर खालिद ने अदालत के समक्ष कहा, उसकी हिरासत को "अवैध रूप से" बढ़ाया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने सोमवार को यहां एक अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों से जुड़े एक मामले में उसकी हिरासत अवधि को ‘‘अवैध रूप से’’ और उनके वकीलों को पूर्व सूचना दिए बिना बढ़ाया गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 23 नवंबर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने सोमवार को यहां एक अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों से जुड़े एक मामले में उसकी हिरासत अवधि को ‘‘अवैध रूप से’’ और उनके वकीलों को पूर्व सूचना दिए बिना बढ़ाया गया।

खजूरी खास इलाके में दंगे से संबंधित मामले में मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए खालिद ने यह बयान दिया।

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खालिद को इस मामले में एक अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी न्यायिक हिरासत में है। उसे पहले सितंबर में दंगों में बड़ी साजिश से संबंधित एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों और उसका समर्थन करने वालों के बीच भड़का था, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे और काफी संख्या में लोग घायल हो गए थे।

खालिद की ओर से पेश अधिवक्ता सान्या कुमार ने आरोप लगाया कि मामले में उसकी गिरफ्तारी की शुरुआत से ही उनके वकीलों को रिमांड आवेदनों की प्रतियां नहीं दी गईं और कब और किस न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई।

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उन्होंने दावा किया, “बार-बार बिना किसी ठोस वजह के हिरासत अवधि को बढ़ाया गया। केस डायरी पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, हमें हिरासत संबंधी आवेदन की एक प्रति तक नहीं दी गई।’’

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को निर्धारित की है।

इस आवेदन को अधिवक्ता त्रिदीप पेस और कुमार ने दायर किया था, जिसमें उन्होंने अदालत से जांच एजेंसी और साथ ही जेल अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वे खालिद के वकील को रिमांड या रिमांड बढ़ाने की मांग वाली अर्जी की एक प्रति प्रदान करें।

याचिका में अदालत से पुलिस को यह निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है कि वह खालिद के आगे की कार्यवाही के समय, स्थान और माध्यम के बारे में वकील को एक दिन पहले ही सूचना दें।

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