एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | दिल्ली दंगा : अदालत ने गवाह के बयान में विरोधाभास होने के कारण व्यक्ति को जमानत दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित मामले में एक व्यक्ति को बृहस्पतिवार को जमानत देते हुए कहा कि गवाह के बयान में विरोधाभास हैं।

देश की खबरें | दिल्ली दंगा : अदालत ने गवाह के बयान में विरोधाभास होने के कारण व्यक्ति को जमानत दी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 19 नवंबर दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित मामले में एक व्यक्ति को बृहस्पतिवार को जमानत देते हुए कहा कि गवाह के बयान में विरोधाभास हैं।

अतरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने दंगों के दौरान कदमपुरी में 25 फरवरी को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल रिजवान से जुड़े मामले में गुरमीत सिंह को 20,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी राशि के ही एक मुचलके पर राहत दे दी।

यह भी पढ़े | Janta Curfew: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते अहमदाबाद में कल से जनता कर्फ्यू, रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा प्रभावी.

अदालत ने कहा कि सिंह को मामले में मंडोली जेल से गिरफ्तार किया गया और चश्मदीद रफीक ने कैसे आरोपी की पहचान की, इसका जवाब नहीं मिल पाया। अदालत ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज घटना वाले स्थान का नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्र का है।

अदालत ने आगे कहा कि रफीक ने 24 अप्रैल को अपनी गवाही दी जबकि घटना 25 फरवरी की है। अदालत ने कहा कि रफीक के बयान के अनुसार वह सब्जी बेचता था और 25 फरवरी को जब वह कर्दमपुरी पुलिया के पास सब्जी बेच रहा था तब सांप्रदायिक दंगा हुआ और उसने देखा कि हिंदुओं की भीड़ कुछ मुस्लिमों को पीट रही थी और कुछ अज्ञात लोगों ने गोली चलायी।

यह भी पढ़े | Bihar: शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के इस्तीफे पर तेजस्वी यादव ने कसा तंज, मुख्यमंत्री को बताया गुनहगार.

अदालत ने कहा, ‘‘अभियोजन ने एक चश्मदीद रफीक की गवाही पर भरोसा किया। वह दंगाई भीड़ में शामिल मौजूदा आरोपी गुरमीत समेत 56 लोगों की पहचान कर सकता था क्योंकि वे लोग आसपास ही रहते थे।’’

अदालत ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (सिंह) को मौजूदा मामले में किसी भी गवाह की गवाही पर नहीं बल्कि मंडोली जेल से गिरफ्तार किया गया। अगर ऐसा है तो रफीक ने चेहरे से आरोपी की कैसे पहचान की, यह सवाल अब भी कायम है। दोनों पहलुओं के बीच विरोधाभास है।’’

न्यायाधीश ने कहा कि पीड़ित रिजवान ने दंगाई भीड़ में हमलावर को नहीं देखा।

अदालत ने सिंह को सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने और बिना अनुमति के शहर से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया।

पुलिस की तरफ से पेश विशेष लोक अभियोजक राजीव कृष्ण शर्मा ने सिंह की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि रफीक ने गवाही दी है कि सिंह समेत पांच लोग मामले में संलिप्त थे और इसलिए उसे मंडोली जेल से बाद में गिरफ्तार किया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 19, 2020 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).