देश की खबरें | दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सीवीसी से मिल डीटीसी बस सौदे की जांच की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) से मिलकर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बस खरीद और रखरखाव अनुबंध मुद्दे की विस्तृत जांच की मांग की।
नयी दिल्ली, 13 जुलाई दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) से मिलकर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बस खरीद और रखरखाव अनुबंध मुद्दे की विस्तृत जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने दावा किया कि सीवीसी ने डीटीसी के लिए 1,000 लो-फ्लोर बसों की खरीद और रखरखाव सौदे के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रदेश कांग्रेस ने एक बयान में कहा, “दिल्ली कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सतर्कता आयुक्त सुरेश पटेल से उनके कार्यालय में मुलाकात की और दिल्ली के लोगों की ओर से एक पत्र सौंपा, जिसमें 1,000 लो-फ्लोर बसों की खरीद और रखरखाव के अनुबंध में 4,288 करोड़ रुपये के घोटाले की विस्तृत जांच की मांग की गई है।”
बयान के मुताबिक, पत्र में, कुमार ने आरोप लगाया कि डीटीसी के लिए बसों की खरीद में "बड़ा भ्रष्टाचार" हुआ है, जो जनता के पैसे का "घोर दुरुपयोग" है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) के लिए 3,413 करोड़ रुपये का टेंडर "भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला" है।
उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से नियुक्त तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बस खरीद में कोई "गड़बड़ी" नहीं थी, हालांकि एएमसी में "प्रक्रियात्मक खामियां" हैं। समिति ने रखरखाव के लिए नई बोलियां जारी करने की सिफारिश की है।
रिपोर्ट का हवाला देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पिछले हफ्ते कहा था कि समिति ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल सरकार को ‘क्लीन चिट’ दे दी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)